त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्fenbrenner (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संरचनात्मक स्तर—**'मेसोसिस्टम' (Mesosystem)**—जिसे विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) जैसे कि परिवार, विद्यालय, सहकर्मी समूह और पड़ोस के बीच आपसी अंतःक्रियाओं और संबंधों के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक समायोजन और पारिस्थितिकीय समन्वय के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उरी ब्रॉन्फेनbrenner (Urie Bronfenbrenner) के पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत (Ecological Systems Theory) के अनुसार, 'मेसोसिस्टम' (Mesosystem) वह स्तर है जो विभिन्न सूक्ष्म प्रणालियों (Microsystems) यानी बच्चे के जीवन के विभिन्न घटकों—जैसे परिवार, विद्यालय, सहकर्मी समूह और शिक्षक—के आपसी संबंधों को जोड़ता है। उदाहरण के लिए, माता-पिता और शिक्षकों के बीच संवाद (जैसे पीटीएम) जितना मजबूत और सकारात्मक होगा, बच्चे का संज्ञानात्मक और सामाजिक विकास उतना ही बेहतर होगा। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा के मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक की प्रक्रिया' (Concrete Experience to Active Experimentation)**—जिसे उस चार-चरणीय चक्रीय अधिगम मॉडल के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी पहले किसी नई परिस्थिति का प्रत्यक्ष मूर्त अनुभव (Concrete Experience) प्राप्त करता है, फिर उसका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, उसके बाद अमूर्त अवधारणाओं और सामान्यीकरणों का निर्माण (Abstract Conceptualization) करता है, और अंत में नए ज्ञान का परीक्षण करने के लिए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के चक्रीय संज्ञान, अनुभवात्मक प्रसंस्करण और प्रायोगिक अनुप्रयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Approach & Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential / Significant Learning)**—जिसे उस गहरे और आत्म-निर्देशित अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जो तब घटित होता है जब शिक्षार्थी विषय वस्तु को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं, आकांक्षाओं और समस्याओं से जोड़ता है, जिसमें शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा, स्व-निर्देशित अध्ययन और संवेगात्मक सहभागिता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका संभ्रम' (Identity vs. Role Confusion) की अवस्था—जिसके तहत किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान युवा व्यक्ति अपने व्यक्तिगत मूल्यों, मान्यताओं, भविष्य के करियर, लैंगिक भूमिका और सामाजिक पहचान को स्थापित करने के लिए गंभीर आत्म-चिंतन और प्रयोग करता है, तथा अपनी स्वतंत्र अस्मिता की खोज करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-संकल्प (Self-Concept), आंतरिक स्थिरता और सकारात्मक आत्म-छवि के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामान्य कारक' (g-factor) तथा 'विशिष्ट कारक' (s-factor) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक क्षमताओं, अकादमिक दक्षता, और विशिष्ट कौशल आधारित योग्यताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठक' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, अधिक समावेशी और अमूर्त वैचारिक ढांचा (Concept Framework) विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है, ताकि वे अपने पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए ज्ञान का तार्किक और सार्थक समावेश (Subsumption) कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, दीर्घकालिक ज्ञान संधारण (Retention) और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.