क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 months ago · Viewed 18 times
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—**'शेपिंग या आकृति-आरोपण' (Shaping)**—जिसे वांछित अंतिम जटिल व्यवहार के क्रमिक और निकटतम सन्निकटन (Successive Approximations) को सुदृढ़ीकरण प्रदान करके धीरे-धीरे स्थापित करने की एक विधिवत तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और क्रमिक संज्ञानात्मक प्रगति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम और बाल विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार, बी. एफ. स्किनर का 'शेपिंग' (Shaping या आकृति-आरोपण) सिद्धांत 'क्रमिक सन्निकटन' (Successive Approximations) की अवधारणा पर आधारित है। जब कोई विद्यार्थी किसी जटिल या नए व्यवहार को एक बार में सीखने में असमर्थ होता है, तब शिक्षक वांछित अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले प्रत्येक छोटे और सही कदम (सन्निकटन) को सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) प्रदान करता है। इस प्रकार, धीरे-धीरे चरणों को आगे बढ़ाते हुए जटिल व्यवहार को सफलतापूर्वक स्थापित किया जाता है। विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे सटीक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है, जबकि अन्य विकल्प भ्रामक या गलत हैं।
अगला प्रश्न →
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant…
← पिछला प्रश्न
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के 'पुनर्बलन सिद्धांत' (Reinforcement Theory) के मुख्य प्रतिपादक कौन थे?
→
अधिगम के किस सिद्धांत में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) को सीखने का आधार माना गया है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—**'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ किसी अवांछित, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर वांछित अनुक्रिया (Desirable Response) की संभावना या आवृत्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव मुक्ति और सकारात्मक आदत निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ किसी अवांछित या कष्टदायक उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित अनुक्रिया या व्यवहार की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहारों के संवर्धन, प्रेरणा प्रबंधन और तनाव मुक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)**—जिसके तहत किसी अप्रिय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित वांछनीय व्यवहार या अनुक्रिया (Desired Response) की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, अनुशासन प्रबंधन और सकारात्मक प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी अवांछनीय, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या रोककर किसी वांछित सकारात्मक व्यवहार या अनुक्रिया की आवृत्ति, संभावना और दर को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव प्रबंधन और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.