सिगमंड फ्रायड
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली के एक महत्वपूर्ण घटक—**'अहम्' (Ego)**—जो वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) पर कार्य करता है, सुखवादी 'इदम' (Id) की आवेगी माँगों और कठोर नैतिक 'पराअहम्' (Super-ego) के बीच संतुलन स्थापित करते हुए बाहरी वास्तविक दुनिया के साथ समायोजन बैठाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन, तार्किक निर्णय लेने की क्षमता और आवेग नियंत्रण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'अहम्' (Ego) व्यक्तित्व का वह कार्यकारी भाग है जो 'वास्तविकता के सिद्धांत' (Reality Principle) पर कार्य करता है। यह 'इदम' (Id) की पशुवत एवं तात्कालिक सुख चाहने वाली प्रवृत्तियों और 'पराअहम्' (Super-ego) के कठोर नैतिक दबावों के बीच संतुलन और तालमेल बिठाने का कार्य करता है। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में, एक मजबूत और संतुलित 'अहम्' विद्यार्थियों को अपनी प्राथमिक इच्छाओं पर नियंत्रण रखने, सामाजिक-सांस्कृतिक यथार्थ को समझने और तार्किक रूप से निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है, जो उनके संवेगात्मक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage) में बालकों द्वारा अनुभव की जाने वाली 'ईडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) और बालिकाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) की गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था (लगभग 3 से 6 वर्ष) के दौरान व्यक्तित्व विकास और पहचान निर्माण (Identification) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजरता है, तो इस चरण में उत्पन्न होने वाली 'ईडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान के रूप में बालक अपनी समान लिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया फ्रायड के व्यक्तित्व के किस संरचनात्मक तंत्र के अत्यधिक सक्रिय होने का प्रत्यक्ष परिणाम होती है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के संदर्भ में, 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) के दौरान यदि माता-पिता द्वारा बच्चे को शौच-प्रशिक्षण (Toilet Training) अत्यधिक कठोरता या अत्यधिक अनुग्रह के साथ दिया जाता है, तो फ्रायड के अनुसार वयस्क व्यक्तित्व में किस प्रकार के विपरीत लक्षण (Character Traits) उत्पन्न हो सकते हैं?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय व्यक्तित्व संरचना—**'अहम (Ego)'**—जिसे वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) द्वारा संचालित, इड (Id) की पाशविक इच्छाओं और सुपरइगो (Super-ego) के कठोर नैतिक प्रतिबंधों के बीच संतुलन स्थापित करने वाले 'कार्यकारी अंग' या मध्यस्थ के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक नियंत्रण, फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस (Frustration Tolerance) और तार्किक निर्णय लेने की क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय व्यक्तित्व संरचना—**'अहम (Ego)'**—जिसे उस यथार्थवादी और तार्किक मानसिक एजेंसी के रूप में परिभाषित किया जाता है जो 'इदम (Id)' की पाशविक और तात्कालिक इच्छाओं तथा 'पराअहम (Superego)' के कठोर नैतिक आदेशों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए बाहरी वास्तविक दुनिया (Reality Principle) के अनुसार व्यवहार को नियंत्रित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आवेग नियंत्रण, संवेगात्मक संतुलन और यथार्थवादी समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक—**'अहम' (Ego - इगो)**—जो वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) पर कार्य करता है और 'इदम' (Id) की पाशविक व मूल प्रवृत्तियों तथा 'परअहम' (Superego) के कठोर नैतिक आदर्शों के बीच एक यथार्थवादी, संतुलित और मध्यस्थ की भूमिका निभाता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संतुलन, फ्रस्ट्रेशन सहनशीलता, और समायोजन तंत्र (Defense Mechanisms) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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