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Indian Polity
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संसद की 'लोक लेखा समिति' में सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

Detailed Explanation

लोक लेखा समिति के सदस्यों का कार्यकाल 1 वर्ष होता है।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति के निर्वाचन, उनकी पदावधि, महाभियोग प्रक्रिया और कार्यकारी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए निर्वाचक कॉलेज (Electoral College) में संसद के दोनों सदनों के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं, तथा इसके साथ ही राज्यों की विधानसभाओं और संघ राज्य क्षेत्रों (दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) के निर्वाचित सदस्य भी भाग लेते हैं। 2. संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) केवल 'संविधान के अतिक्रमण' के आधार पर चलाया जा सकता है, और इस महाभियोग प्रस्ताव को संसद के किसी भी सदन में तब तक पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता जब तक कि उस सदन के कुल सदस्यों के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित लिखित सूचना न दी गई हो। 3. संघ की सभी कार्यकारी शक्तियां राष्ट्रपति में निहित होती हैं, जिनका प्रयोग वह संविधान के अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है, और अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान विषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद की सभी सूचनाएँ राष्ट्रपति को संसूचित करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के कुल सदस्यों में से ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (अपरिवर्तनीय एकल संक्रमणीय मत) के माध्यम से किया जाना था, जबकि देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था। 2. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और इसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया, हालांकि यह सभा प्रथम आम चुनावों के पश्चात नई संसद के गठन तक अंतरिम संसद के रूप में कार्य करती रही। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों (Committees) का गठन किया गया था, जिसमें संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे, और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया, विशेष रूप से धन विधेयकों (Money Bills) और वित्तीय विधेयकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 110 के अंतर्गत किसी विधेयक को 'धन विधेयक' के रूप में प्रमाणित करने की अनन्य शक्ति लोकसभा अध्यक्ष के पास होती है, और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा किसी विधेयक को धन विधेयक प्रमाणित किए जाने के निर्णय को किसी भी न्यायालय में या संसद के किसी भी सदन में चुनौती नहीं दी जा सकती है। 2. राज्यसभा को धन विधेयक के संबंध में अत्यंत सीमित शक्तियाँ प्राप्त हैं; वह धन विधेयक को अस्वीकार या उसमें संशोधन नहीं कर सकती है, किंतु वह उसे अधिकतम चौदह दिनों की अवधि के लिए रोक सकती है, और यदि इस अवधि के भीतर राज्यसभा विधेयक को अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के लोकसभा को वापस नहीं करती है, तो उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित समझा जाता है जिस रूप में वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था। 3. अनुच्छेद 117(3) के अंतर्गत आने वाले वित्त विधेयक (श्रेणी-II) को संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित किया जा सकता है, और इस प्रकार के विधेयक को पारित करने के संबंध में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को समान विधाई शक्तियाँ प्राप्त हैं, जिसके कारण इस पर गतिरोध उत्पन्न होने पर अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान भी लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत का राष्ट्रपति त्यागपत्र किसे देता है? संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'स्वतंत्रता का अधिकार' (Right to Freedom) प्रदान करता है?
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