जीन पियाजे
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष)** की एक प्रमुख सीमा—**'केंद्रीयकरण या विकेंद्रीकरण का अभाव' (Centration)**—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम, स्वरूप या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाता है और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं या आयामों को नजरअंदाज कर देता है (जैसे- चौड़े बर्तन की तुलना में लंबे गिलास में पानी अधिक मानना), के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक लचीलेपन और संज्ञानात्मक परिपक्वता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के बच्चों में 'केंद्रीयकरण' (Centration) एक प्रमुख संज्ञानात्मक विशेषता या सीमा है। इसका तात्पर्य यह है कि बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही प्रमुख और प्रत्यक्ष आयाम (जैसे- लंबाई या ऊँचाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है, और अन्य प्रासंगिक आयामों (जैसे- चौड़ाई या आयतन) की उपेक्षा कर देता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसका मनोवैज्ञानिक निहितार्थ यह है कि शिक्षक बच्चों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता विकसित करने के लिए मूर्त अनुभवों, हस्तपरक गतिविधियों (Hands-on activities) और तुलनात्मक उदाहरणों का प्रयोग करें, ताकि वे किसी समस्या के एक से अधिक पक्षों को एक साथ समझ सकें। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage)** में पाई जाने वाली प्रमुख विशेषता—**'जीववाद या एनिमिज्म' (Animism)**—जिसके तहत बच्चा निर्जीव वस्तुओं (जैसे खिलौने, पत्थर या बादल) में भी सजीवता, भावनाओं और चेतना का आरोपण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, संज्ञानात्मक सीमाओं और तार्किक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage)** की एक अत्यंत विशिष्ट और महत्वपूर्ण सीमा—**'अहमकेन्द्रिता या आत्मकेन्द्रिता' (Egocentrism)**—जिसके तहत बच्चा यह मान लेता है कि दूसरे लोग भी दुनिया को ठीक वैसे ही देखते, महसूस करते और सुनते हैं जैसे वह खुद देखता है, और वह अन्य व्यक्तियों के दृष्टिकोण (Perspective-taking) को समझने में असमर्थ होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक संज्ञान, विकेंद्रीकरण (Decentration) की प्रक्रिया और संवादात्मक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान विकसित होने वाली प्रमुख संज्ञानात्मक क्षमता —'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)— की अवधारणा, जिसके तहत बालक यह भली-भांति समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार या विन्यास में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार अपरिवर्तित (Constant) रहते हैं, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विन्यास, विकेंद्रीकरण (Decentration) और मानसिक संचालनों (Mental Operations) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के भीतर आने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की अवधारणा—जिसके तहत बालक केवल मूर्त और प्रत्यक्ष तथ्यों पर विचार करने के बजाय विभिन्न संभावनाओं के आधार पर परिकल्पनाएं (Hypotheses) गढ़ने, तार्किक रूप से निष्कर्ष निकालने और अमूर्त समस्याओं का वैज्ञानिक पद्धति से विश्लेषण करने की उच्च-स्तरीय क्षमता विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और अमूर्त बौद्धिक कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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