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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage - लगभग 7 वर्ष से आगे)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी मूर्त वस्तुओं या छवियों से आगे बढ़कर अमूर्त प्रतीकों, भाषा, गणितीय संकेतों और कोड (Codes) के माध्यम से सूचनाओं को संसाधित, संग्रहित और संप्रेषित करना सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय अमूर्त चिंतन, तार्किक संगणना और वैचारिक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बौद्धिक विकास तीन अवस्थाओं से होकर गुजरता है: अधिनायात्मक/सक्रिय (Enactive), दृश्यात्मक/प्रतिबिम्बी (Iconic), और प्रतीकात्मक (Symbolic)। प्रतीकात्मक अवस्था में भाषा, गणितीय संकेत और अमूर्त प्रतीक मुख्य साधन बन जाते हैं। इसके माध्यम से छात्र बिना मूर्त वस्तुओं को देखे उनके बारे में मानसिक रूप से सोच सकते हैं, परिकल्पनाएँ बना सकते हैं और उच्च-स्तरीय तार्किक व अमूर्त समस्याओं को हल कर सकते हैं। यह कथन कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक और वैचारिक विकास के लिए सबसे अधिक प्रामाणिक है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे उस वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकासात्मक स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम सहपाठियों यानी MKO के सहयोग से प्राप्त किया जाता है) के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विस्तार और सहयोगात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय अवस्था—**'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage)**—जिसे लगभग 2 से 7 वर्ष की आयु के बीच परिभाषित किया जाता है, जहाँ बालक प्रतीकात्मक विचारों और भाषा का उपयोग करना तो सीख जाता है, किंतु वह केंद्रीय संज्ञानात्मक सीमा—**'आत्म-केंद्रितता' (Egocentrism)**—(अर्थात यह असमर्थता कि बालक इस बात को समझने में विफल रहता है कि अन्य लोग उसके अपने दृष्टिकोण से अलग दृष्टिकोण या विचार भी रख सकते हैं) से ग्रसित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक परिप्रेक्ष्य ग्रहण (Perspective-taking), संवादात्मक विकास और बहु-आयामी चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन या मचान निर्माण' (Scaffolding) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) और 'सहयोगात्मक समस्या-समाधान' (Collaborative Problem Solving) के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को गति प्रदान करने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा के सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी सभी बुनियादी, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद अपनी潜ृ क्षमता (Potential), रचनात्मकता, प्रतिभा और आंतरिक संभावनाओं के पूर्ण विकास और चरमोत्कर्ष को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, स्वायत्तता और आत्म-साक्षात्कार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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