शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'विलोपन और स्वतः पुनरुत्थान' (Extinction and Spontaneous Recovery)** की अवधारणा—जिसके तहत अनुबंधित उद्दीपक (CS) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (UCS) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुबंधित अनुक्रिया (CR) का धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाना 'विलोपन' कहलाता है, तथा विलोपन के कुछ समय पश्चात बिना किसी नए प्रशिक्षण के अचानक अनुबंधित अनुक्रिया का पुनः प्रकट होना 'स्वतः पुनरुत्थान' कहलाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के शमन, आदत निर्माण और उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में 'विलोपन' (Extinction) का अर्थ अनुबंधित उद्दीपक (घंटी) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (भोजन) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया (लार आना) का अस्थायी रूप से रुक जाना है। हालांकि, विलोपन का यह मतलब नहीं है कि अधिगम या सहचर्य पूरी तरह मिट गया है; 'स्वतः पुनरुत्थान' (Spontaneous Recovery) यह साबित करता है कि पुराना तंत्रिका संबंध अभी भी मस्तिष्क में मौजूद है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण और व्यवहार प्रबंधन में शिक्षक को यह समझना आवश्यक है कि अवांछित व्यवहारों या भय (फोबिया) के विलोपन के बाद भी वे अचानक दोबारा प्रकट हो सकते हैं, इसलिए निरंतर सकारात्मक सुदृढ़ीकरण और उचित वातावरण का निर्माण आवश्यक है।
अगला प्रश्न →
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न-गेस्टाल्ट अधिगम सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
पाउलाव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत'…
Related Questions
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी यांत्रिक उद्दीपक की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वतंत्र या स्वैच्छिक अनुक्रियाओं (Voluntary Responses) द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और अपनी क्रिया के संतोषजनक परिणामों या 'पुनर्बलन' (Reinforcement) के माध्यम से व्यवहार को दोहराने की प्रवृत्ति को सुदृढ़ करता है, तो यह अधिगम की किस मौलिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करता है और थार्नडाइक तथा पावलव के सिद्धांतों से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रकट होना' (Spontaneous Recovery), 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization) और 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) की प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भय, पूर्वाग्रह तथा आदतों के नियमन व वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
आईवान पाव्लोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अस्वाभाविक उद्दीपक (Conditioned Stimulus) और स्वाभाविक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के साहचर्य की प्रक्रिया में 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization), 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning), और 'प्रायोगिक विलोपन' (Experimental Extinction) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन कक्षा-कक्षीय शिक्षण और अधिगम वातावरण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक है?
→
पाउलाव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction) और 'स्वतः पुनःप्राप्ति' (Spontaneous Recovery) की अवधारणा—जिसके तहत जब किसी अनुबंधित उद्दीपन (CS) को बार-बार बिना स्वाभाविक उद्दीपन (UCS) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया (CR) धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो जाती है (विलोपन), किंतु कुछ समय के अंतराल के बाद बिना किसी पुनः प्रशिक्षण के अचानक वही अनुक्रिया दोबारा प्रकट हो जाती है (स्वतः पुनःप्राप्ति)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, आदत निर्माण और अधिगम प्रतिमान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'विलोपन' (Extinction)** की अवधारणा—जिसके तहत जब किसी अनुबंधित उद्दीपन (Conditioned Stimulus - CS) को बार-बार बिना अस्वाभाविक या अननुबंधित उद्दीपन (Unconditioned Stimulus - US) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कमजोर होकर लुप्त होने लगती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अवांछित व्यवहारों के संशोधन, आदतों के परिमार्जन और मनोवैज्ञानिक अनुबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—**'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map)**—जिसे किसी प्राणी द्वारा अपने पर्यावरण या भौतिक परिवेश (जैसे भूलभुलैया या कक्षा-कक्ष) के स्थानिक लेआउट, मार्गों, लक्ष्यों और वैकल्पिक रास्तों का एक मानसिक प्रतिनिधित्व या आंतरिक ब्लूप्रिंट बनाने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है, जहाँ अधिगम केवल यांत्रिक उत्तेزक-अनुक्रिया (S-R) बंधों के कारण नहीं बल्कि उद्देश्यपूर्ण और मानसिक संगठन के माध्यम से होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, लचीले समस्या-समाधान और सार्थक संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction) और 'स्वतः पुनःप्राप्ति' (Spontaneous Recovery) की अवधारणा—जिसके तहत बिना किसी अनूठे या स्वाभाविक उद्दीपक (US) के केवल अनुबंधित उद्दीपक (CS) को बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुबंधित अनुक्रिया (CR) का धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाना 'विलोपन' कहलाता है, तथा विलोपन के बाद कुछ समय का अंतराल देने पर अचानक बिना किसी पुनः प्रशिक्षण के अनुबंधित अनुक्रिया का पुनः प्रकट हो जाना 'स्वतः पुनःप्राप्ति' कहलाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अवांछित आदतों के परिमार्जन, सुदृढ़ीकरण और स्मृति संचयन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पर्यावरण और अंतरिक्षीय व्यवस्था (Spatial Layout) का एक आंतरिक मानसिक प्रतिनिधित्व या नक्शा तैयार करता है, जिससे वह किसी गंतव्य तक पहुँचने के लिए केवल रटी-रटाई आदतों या यांत्रिक उद्दीपक-अनुक्रिया बंधनों पर निर्भर रहने के बजाय पर्यावरण में आए परिवर्तनों के बावजूद लचीले और वैकल्पिक मार्गों का चयन करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक बुद्धिमत्ता, प्रासंगिक समस्या-समाधान और स्व-निर्देशित अन्वेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.