BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
6 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant/Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम केवल बौद्धिक तथ्यों का संचयन नहीं है, बल्कि यह वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाओं और व्यवहार) को जोड़ती है तथा तब घटित होती है जब छात्र किसी ऐसी विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों, जिज्ञासा और वास्तविक जीवन की समस्याओं से संबंधित मानते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञानार्जन, आंतरिक प्रेरणा और स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

कार्ल रोजर्स के मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम का अर्थ है कि ज्ञान केवल बाहर से थोपा नहीं जाता, बल्कि यह छात्र द्वारा स्व-प्रारंभिक (Self-Initiated) होता है और इसमें उसकी संपूर्ण मनोवैज्ञानिक संरचना (संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दोनों) शामिल होती है। इस प्रक्रिया में शिक्षक का मुख्य कार्य ज्ञान देना नहीं, बल्कि एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) के रूप में ऐसा अनुकूल मनोवैज्ञानिक वातावरण तैयार करना है जहाँ छात्र स्वतंत्र रूप से अन्वेषण कर सकें और अपने अधिगम का मूल्यांकन स्वयं कर सकें।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय—**'स्व-प्रभाविता या स्व-कुशलता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्तिगत विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह आंका जाता है कि वह किसी विशिष्ट स्थिति में अपेक्षित प्रदर्शन या कार्य को सफलताપूर्वक पूरा करने में कितना सक्षम है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और अकादमिक दृढ़ता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी पहले से सीखे गए विभिन्न नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Principle Learning and Concept Learning) का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अप्रत्याशित समस्या का तार्किक रूप से विश्लेषण करता है, आंतरिकिकृत संज्ञानात्मक रणनीतियों का प्रयोग करता है और एक नया समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मकता और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—तथा इससे ठीक पूर्व के स्तरों जैसे 'सिद्धांत अधिगम' (Rule Learning) और 'प्रत्यय अधिगम' (Concept Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमताओं, तार्किक नियमों के सामान्यीकरण (Generalization), और जटिल बौद्धिक समस्याओं के स्वतंत्र विश्लेषण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च और अंतिम संज्ञानात्मक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Rules and Principles) का उपयोग करते हुए किसी बिल्कुल नई, जटिल और अभूतपूर्व समस्या का तार्किक रूप से विश्लेषण कर उसका सफल समाधान ढूंढता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय चिंतन क्षमता, सृजनात्मकता और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) की पांच चरणों वाली प्रक्रिया—(1) कठिनाई का अनुभव, (2) समस्या का परिभाषाकरण, (3) संभावित समाधानों का सुझाव, (4) परिकल्पनाओं का तार्किक अनुक्रमण, और (5) परिकल्पनाओं का प्रायोगिक परीक्षण—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और लोकतांत्रिक समस्या-समाधान के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.