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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग या रूपान्तरण/आकृतिकरण' (Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल या नए वांछित व्यवहार को अचानक प्राप्त करने के बजाय, लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले क्रमिक और निकटवर्ती सन्निकटन (Successive Approximations) व्यवहारों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्बलित (Reinforced) करके धीरे-धीरे स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, सकारात्मक आदत निर्माण और क्रमिक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांत में 'शेपिंग' (Shaping या आकृतिकरण) एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है। जब कोई जीव या विद्यार्थी किसी जटिल नए व्यवहार को एक बार में नहीं सीख सकता, तो शिक्षक या प्रयोगकर्ता 'निकटवर्ती सन्निकटन के क्रमिक चरणों' (Successive Approximations) का उपयोग करता है। इसमें लक्ष्य की दिशा में उठाए गए हर छोटे और सही कदम को सकारात्मक पुनर्बलन दिया जाता है, जिससे अंततः वांछित जटिल व्यवहार या कौशल पूर्ण रूप से विकसित हो जाता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में कठिन विषयों, हस्तकौशलों या लेखन जैसी जटिल प्रक्रियों को सिखाने के लिए यह विधि अत्यधिक वैज्ञानिक और प्रभावी है।
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