जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 15 times
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) की अहंप्रधानता (Egocentrism) से आगे बढ़ते हुए बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम या पहलू पर ध्यान केंद्रित न करके उसके साथ-साथ एक से अधिक आयामों या दृष्टिकोणों (जैसे- लंबाई, चौड़ाई और आयतन) पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने की संज्ञानात्मक क्षमता प्राप्त कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहु-आयामी दृष्टिकोण और संरक्षण (Conservation) के सिद्धांतों को समझने की क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) मूरत संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषता है। इस अवस्था में बच्चा अहंप्रधानता (Egocentrism) को छोड़कर किसी वस्तु या समस्या के एक से अधिक पहलुओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने में सक्षम हो जाता है। यही क्षमता संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification) और प्रतिवादिता (Reversibility) के विकास का आधार बनती है।
अगला प्रश्न →
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के भीतर आने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की अवधारणा—जिसके तहत बालक केवल मूर्त और प्रत्यक्ष तथ्यों पर विचार करने के बजाय विभिन्न संभावनाओं के आधार पर परिकल्पनाएं (Hypotheses) गढ़ने, तार्किक रूप से निष्कर्ष निकालने और अमूर्त समस्याओं का वैज्ञानिक पद्धति से विश्लेषण करने की उच्च-स्तरीय क्षमता विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और अमूर्त बौद्धिक कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान विकसित होने वाली प्रमुख संज्ञानात्मक क्षमता —'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)— की अवधारणा, जिसके तहत बालक यह भली-भांति समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार या विन्यास में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार अपरिवर्तित (Constant) रहते हैं, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विन्यास, विकेंद्रीकरण (Decentration) और मानसिक संचालनों (Mental Operations) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) अथवा 'ग्रहणशील अधिगम' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठक या एडवांस ऑर्गनाइज़र' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत किसी नए और जटिल विषय को पढ़ाने से पहले छात्रों के संज्ञान में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों और ज्ञान (पूर्व-ज्ञान) के साथ नए आने वाले सूचना-समुच्चयों को जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त वैचारिक ढांचा या परिचय प्रस्तुत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, तार्किक अनुक्रमण और संज्ञानात्मक एकीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की अहमकेन्द्रिता (Egocentrism) से आगे बढ़ते हुए बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (Dimension) या पक्ष पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं, आयामों और दृष्टिकोणों को एक साथ देखने और मानसिक रूप से संतुलित करने की क्षमता विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.