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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा वस्तुओं या अनुभवों को मानसिक छवियों (Imagery) या भौतिक क्रियाओं के रूप में नहीं, बल्कि भाषा, प्रतीकों, तार्किक संकेतों और अमूर्त कोड (Abstract Codes) के माध्यम से प्रस्तुत और संसाधित करना सीख जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन, भाषा-आधारित संप्रत्यय निर्माण और उच्च-स्तरीय समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, विकास तीन अवस्थाओं से होकर गुजरता है: अधिनायात्मक या क्रियात्मक (Enactive - 0-1 वर्ष), प्रतिबिम्बात्मक या दृश्य (Iconic - 1-6 वर्ष), और प्रतीकात्मक (Symbolic - 7 वर्ष से आगे)। प्रतीकात्मक अवस्था में बालक भाषा, गणितीय प्रतीकों और अमूर्त तार्किक संकेतों का उपयोग करके ज्ञान का प्रतिनिधित्व करना सीख जाता है। यह उच्च-स्तरीय अमूर्त चिंतन और संप्रत्यय निर्माण का आधार है।
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