संज्ञानात्मक विकास
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लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'निजी भाषण' (Private Speech) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चे अपने कार्यों को निर्देशित करने, अपनी सोच को विनियमित करने और जटिल समस्याओं को हल करते समय ऊंचे स्वर में खुद से बातचीत करते हैं, जो बाद में आंतरिक भाषण (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-Regulation), संज्ञानात्मक नियंत्रण और कार्यकारी कार्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, 'निजी भाषण' (Private Speech) बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और स्व-नियमन में केंद्रीय भूमिका निभाता है। जब बच्चे किसी कठिन कार्य का सामना करते हैं, तो वे अपनी सोच को निर्देशित करने के लिए खुद से बोलकर बातचीत करते हैं। पियाजे इसे 'अहंकेंद्रित भाषण' मानकर उम्र के साथ समाप्त होने वाला मानते थे, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार यह बाह्य सामाजिक भाषा और अंतर्निहित आंतरिक भाषण (Inner Speech) के बीच की एक आवश्यक संक्रमणकालीन अवस्था है, जो बच्चे के मानसिक नियंत्रण और समस्या-समाधान क्षमता को मजबूत करती है। अत: विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of…
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और सटीक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, 'सामाजिक भाषण' (Social Speech), 'निजी भाषण' (Private Speech) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के विकास क्रम और उनके तात्विक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी पहले से सीखे गए विभिन्न नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Principle Learning and Concept Learning) का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अप्रत्याशित समस्या का तार्किक रूप से विश्लेषण करता है, आंतरिकिकृत संज्ञानात्मक रणनीतियों का प्रयोग करता है और एक नया समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मकता और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे- लंबाई या चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एक से अधिक पहलुओं या dimensions को एक साथ देखने और मानसिक रूप से उनका समन्वय करने की योग्यता प्राप्त कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी तार्किक चिंतन, संरक्षण (Conservation) की समझ और संक्रियात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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