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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अन्तर्व्यक्तिगत बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत अन्य व्यक्तियों के सूक्ष्म संकेतों, मनोभावों, प्रेरणाओं, और उनकी आंतरिक इच्छाओं को समझने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और उनके सामाजिक व्यवहार को सफलतापूर्वक संचालित करने की उच्च क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की सहयोगात्मक क्षमताओं, सहानुभूति (Empathy), और सामूहिक नेतृत्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हावर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत के अनुसार, 'अन्तर्व्यक्तिगत बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति दूसरों के मनोभावों, स्वभाव, प्रेरणाओं और इरादों को आसानी से समझ सकता है और उनके साथ सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित कर सकता है। कक्षा-कक्ष में यह बुद्धि विद्यार्थियों को समूह चर्चा (Group Discussion), सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सहानुभूतिपूर्ण संवाद और नेतृत्व गुण विकसित करने में अत्यंत सहायक होती है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य विवरण है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की अवधारणा—जिसके तहत लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक बालक में अमूर्त चिंतन, परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning), वैज्ञानिक सोच और विभिन्न संभावनाओं का एक साथ मानसिक विश्लेषण करने की उच्च-स्तरीय क्षमता विकसित हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक मूल्यांकन, स्वतंत्र वैचारिक निर्माण और उन्नत समस्या-समाधान कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advanced Organizer)**—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक शिक्षण सहायक सामग्री या परिचयात्मक अवधारणात्मक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे शिक्षक मुख्य पाठ्य-सामग्री या नए जटिल ज्ञान को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत करता है, ताकि यह शिक्षार्थी की दीर्घकालिक स्मृति में पहले से मौजूद प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) और नए ज्ञान के बीच एक मजबूत संज्ञानात्मक सेतु या ‘पुल’ का काम कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक ज्ञान-संरचना, संज्ञानात्मक एकीकरण और सार्थक ज्ञान-अर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपने स्वयं के आंतरिक भावनाओं, इच्छाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों, सीमाओं और मानसिक अवस्थाओं को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने तथा अपने जीवन को तदनुसार स्व-नियमित (Self-Regulated) करने में पूर्णतः सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-प्रबंधन, चयनात्मक metacognition (मेटाकॉग्निशन) और व्यक्तिगत स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Use and Disuse), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम की गति, संतोष-असंतोष की अनुक्रियाओं, और तंत्रिकाकीय बंधों (Neural Bonds / Synaptic Connections) के समेकन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward C. Tolman) के 'चिह्न-Gestalt अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt Learning Theory) अथवा 'उद्देश्यपूर्ण व्यवहारवाद' (Purpsosive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की अवधारणा—जिसके तहत कोई जीव या विद्यार्थी किसी पर्यावरण में बिना किसी प्रत्यक्ष प्रबलन (Reinforcement) या पुरस्कार के भी वहां की स्थानिक व्यवस्था, मार्गों और उद्दीपकों के संबंधों को आंतरिक रूप से मानसिक मानचित्र (Cognitive Map) के रूप में सहज रूप से ग्रहण कर लेता है, और यह अधिगम तब तक छिपा रहता है जब तक कि उस ज्ञान के प्रदर्शन के लिए कोई प्रेरणा या आवश्यकता उत्पन्न नहीं होती—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनजाने ज्ञानार्जन, आंतरिक मानचित्रण और संज्ञानात्मक प्रसंस्करण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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