शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
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आईवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित—(1) उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization), (2) विभेदन (Discrimination), (3) विलोप (Extinction), और (4) स्वतः पुनःप्राप्ति (Spontaneous Recovery)—जैसी मूलभूत अनुबंधन प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक सहचर्य, सकारात्मक/नकारात्मक आदतों के निर्माण, और भय या चिंता के निराकरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम के अनुसार, आईवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) बाल विकास और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में बच्चों की भावनात्मक अनुक्रियाओं, आदतों के निर्माण और उनके संशोधन को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत की प्रमुख प्रक्रियाएं जैसे—(1) उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization) बच्चों को समान परिस्थितियों में ज्ञान के स्थानांतरण में मदद करती है; (2) विलोप (Extinction) अवांछित व्यवहार या भय को दूर करने का वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है; और (3) स्वतः पुनःप्राप्ति (Spontaneous Recovery) यह बताती है कि पूर्व में सीखी गई अनुक्रियाएं उपयुक्त संकेत मिलने पर पुनः जागृत हो सकती हैं। चूँकि ये सभी मनोवैज्ञानिक अवधारणाएं शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से लागू होती हैं, अतः विकल्प (d) सबसे सटीक, संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से मान्य उत्तर है।
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory…
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पाउवलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत'…
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पर्यावरण और अंतरिक्षीय व्यवस्था (Spatial Layout) का एक आंतरिक मानसिक प्रतिनिधित्व या नक्शा तैयार करता है, जिससे वह किसी गंतव्य तक पहुँचने के लिए केवल रटी-रटाई आदतों या यांत्रिक उद्दीपक-अनुक्रिया बंधनों पर निर्भर रहने के बजाय पर्यावरण में आए परिवर्तनों के बावजूद लचीले और वैकल्पिक मार्गों का चयन करने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक बुद्धिमत्ता, प्रासंगिक समस्या-समाधान और स्व-निर्देशित अन्वेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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पाउलाव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विलोपन' (Extinction), 'स्वतः पुनःप्रस्फुटन' (Spontaneous Recovery), 'सामान्यीकरण' (Generalization) तथा 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'भय के अनुकूलन' (Phobia Conditioning) या अवांछित आदतों के परिमार्जन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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आईवान पाव्लोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित अस्वाभाविक उद्दीपक (Conditioned Stimulus) और स्वाभाविक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus) के साहचर्य की प्रक्रिया में 'उद्दीपक सामान्यीकरण' (Stimulus Generalization), 'विभेदक अनुबंधन' (Discriminative Conditioning), और 'प्रायोगिक विलोपन' (Experimental Extinction) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन कक्षा-कक्षीय शिक्षण और अधिगम वातावरण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक है?
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