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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement)—विशेष रूप से 'चर अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) तथा 'नियत अंतराल अनुसूची' (Fixed-Interval Schedule)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहारों के स्थायित्व, विलोपन (Extinction) के प्रतिरोध, और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत के अनुसार, 'पुनर्बलन अनुसूचियाँ' (Schedules of Reinforcement) अधिगम की गति और उसके स्थायित्व को अत्यधिक प्रभावित करती हैं। 'चर अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) में पुनर्बलन एक निश्चित संख्या के बाद नहीं बल्कि औसतन एक संख्या के बाद (बदलते हुए क्रम में) दिया जाता है (जैसे लॉटरी या जुआ)। यह अनुसूची प्रतिक्रिया की उच्चतम और सबसे स्थिर दर (Highest Response Rate) उत्पन्न करती है तथा विलोपन (Extinction) के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोधी होती है क्योंकि शिक्षार्थी को यह अनुमान नहीं होता कि अगली बार पुनर्बलन कब मिलेगा। इसके विपरीत, सतत पुनर्बलन से विलोपन जल्दी होता है और नियत अंतराल अनुसूची में 'स्कैलप प्रभाव' (पुनर्बलन के तुरंत बाद अनुक्रिया में कमी) देखा जाता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक कथन है।
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