क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे सतत पुनर्बलन, निश्चित अंतराल, परिवर्तनशील अनुपात आदि) तथा 'शेपिंग' (Shaping) या 'आकृतिकरण' की तकनीक के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के दृढ़ीकरण, विलोपन (Extinction) के नियंत्रण और जटिल कौशल के क्रमिक अर्जन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत के अनुसार, जब किसी नए व्यवहार को सिखाना हो तो शुरुआत में 'सतत पुनर्बलन' (Continuous Reinforcement) सबसे प्रभावी होता है, परंतु जैसे ही व्यवहार स्थापित हो जाता है, 'परिवर्तनशील अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule)—जैसे जुआ या लॉटरी प्रणाली—सबसे अधिक शक्तिशाली और विलोपन (Extinction) के प्रति प्रतिरोधी साबित होती है क्योंकि इसमें पुनर्बलन की अनिश्चितता बनी रहती है। विकल्प (b) गलत है क्योंकि शेपिंग का संबंध पुरस्कार और क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximation) से है न कि दंड से। विकल्प (c) गलत है क्योंकि निश्चित अंतराल समय पर आधारित होता है न कि प्रयासों पर। विकल्प (d) गलत है क्योंकि नकारात्मक पुनर्बलन वांछित व्यवहार की संभावना को बढ़ाता है, जबकि सजा उसे घटाती है।
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement)—जैसे कि सतत पुनर्बलन (Continuous Reinforcement) बनाम आंशिक/अंतराल एवं आनुपातिक पुनर्बलन (Intermittent/Ratio Schedules)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायित्व (Resistance to Extinction) तथा 'शपिंग' (Shaping) प्रक्रिया के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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