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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंज और तिनरbergen (Tinbergen) द्वारा प्रतिपादित 'निहित व्यवहारिकी' (Ethology) तथा जॉन बाउलबी (John Bowlby) के 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत विकसित 'सुरक्षित अनुलग्नक' (Secure Attachment) एवं 'असुरक्षित-द्विधाग्रस्त अनुलग्नक' (Insecure-Ambivalent Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक अन्वेषण और सुरक्षित आधार (Secure Base) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बाउलबी के अनुलग्नक सिद्धांत (Attachment Theory) और निहित व्यवहारिकी (Ethology) के अनुसार, शैशवावस्था में प्राथमिक देखभाल करने वाले के साथ विकसित होने वाले अनुलग्नक के प्रकार बालकों के भविष्य के सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास की नींव रखते हैं। 'सुरक्षित अनुलग्नक' (Secure Attachment) वाले बच्चे शिक्षक या अभिभावक को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) के रूप में देखते हैं, जिससे उन्हें दुनिया का अन्वेषण करने का आत्मविश्वास मिलता है। इसके विपरीत, 'असुरक्षित-द्विधाग्रस्त अनुलग्नक' (Insecure-Ambivalent Attachment) वाले बच्चे शिक्षक की उपस्थिति में भी अत्यधिक चिपके रहने वाले किंतु बाद में विरोध करने वाले (Ambivalent) और उच्च चिंता युक्त व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। अतः विकल्प (A) इस मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) की अवधारणा—जिसके तहत बालक वस्तुओं या अनुभवों को मानसिक रूप से व्यक्त करने के लिए शब्दों, भाषा, गणितीय प्रतीकों और अमूर्त संकेतों का उपयोग करना सीख जाता है, जहाँ भौतिक वस्तुओं या प्रत्यक्ष चित्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं रहती—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त चिंतन, तार्किक भाषा-कौशल और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विशिष्ट बालकों' (Exceptional Children) की शिक्षा के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक और मनोवैज्ञानिक रूप से सही है?
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