थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा गौण नियमों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की 'संतोषजनक अनुक्रियाओं' (Satisfying Responses) के सुदृढ़ीकरण और 'हर्ष एवं दुख के प्रभाव' (Law of Disuse/Use) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड थॉर्नडाइक का 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' साहचर्यवादी (Associationist) मनोविज्ञान पर आधारित है। इसके अंतर्गत 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके अनुसार जिस कार्य या अनुक्रिया से संतोष, सुखद परिणाम या पुरस्कार मिलता है, उससे उद्दीपक और अनुक्रिया (S-R Bond) का संबंध मजबूत होता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह नियम शिक्षकों को यह सिखाता है कि वे विद्यार्थियों के सही प्रयासों को मान्यता दें और सकारात्मक परिणामों (पुरस्कार, प्रशंसा) के माध्यम से उनके वांछित व्यवहार को सुदृढ़ करें, जिससे त्रुटियां स्वतः कम हो जाती हैं।
अगला प्रश्न →
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के संबंधवाद सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के संबंधवादी…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
बहुखंड या बहुतत्व (Multi-factor) बुद्धि का सिद्धांत किसने दिया?
→
शिक्षा-मनोविज्ञान के जनक कौन हैं?
→
थॉर्नडाइक के सीखने के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness) का क्या अर्थ है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संतोषजनक परिणामों (Satisfiers) द्वारा तंत्रिका तंत्र के बंधों (Neural Bonds/Synaptic Connections) को मजबूत करने, पुनरावृत्ति के माध्यम से अनुक्रियाओं के स्थायीकरण तथा आंतरिक प्रेरणा के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा इसके गौण नियमों के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संतोषजनक अनुक्रियाओं के दृढ़ीकरण, तंत्रिका तंत्र के परिपक्वता मार्ग और त्रुटिहीन कौशलार्जन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के संबंधवाद सिद्धांत' (Connectionism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise), और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'उपयोग व अनुपयोग के नियम' (Law of Use and Disuse) और 'संतोष व असंतोष के सिद्धांत' (Principle of Satisfaction and Annoyance) के तार्किक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य अधिगम नियमों—'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise), और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—तथा उनके गौण (सहायक) नियमों के तार्किक अनुप्रयोग एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'संतोष और असंतोष के नियम' (Law of Satisfaction and Discomfort) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.