त्वरित लिंक्स
MPTET
5 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान (Mental Hygiene) के जनक क्लिफफोर्ड बियर्ज़ (Clifford Beers) के सिद्धांतों तथा समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया के अंतर्गत प्रयुक्त होने वाली प्रत्यक्ष विधियों (Direct Methods)—जैसे कि 'लक्ष्य का प्रतिस्थापन' (Substitution of Goal), 'बाधाओं का निराकरण' (Removal of Obstacles), और 'विश्लेषण व निर्णय' (Analysis and Decision)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में कुसमायोजन (Maladjustment) के लक्षणों को दूर करने में एक शिक्षक की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया में व्यक्ति अपने पर्यावरण के साथ संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। जब उसके मार्ग में बाधाएँ आती हैं, तो वह दो प्रकार की विधियों का प्रयोग करता है: प्रत्यक्ष विधियाँ (Direct Methods) और अप्रत्यक्ष विधियाँ (Indirect Methods/Defense Mechanisms)। प्रत्यक्ष विधियाँ सचेत, तर्कसंगत और वास्तविक समाधान पर आधारित होती हैं, जैसे बाधाओं को दूर करना, वैकल्पिक या नए लक्ष्य का निर्धारण करना (Substitution of Goal), और समस्याओं का विश्लेषण करना। यह मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुसमायोजन को रोकने में सहायक होती हैं।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) अवस्था के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान विद्यार्थियों में 'अहम् पहचान' (Ego Identity) के निर्माण, व्यावसायिक एवं वैचारिक अन्वेषण तथा समवयस्क समूह (Peer Group) के साथ घनिष्ठता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion - किशोरावस्था, लगभग 12 से 18 वर्ष)** की अवस्था के भीतर निहित **'मनोवैज्ञानिक मोरेटोरियम' (Psychosocial Moratorium)** की अवधारणा—जिसके तहत किशोरावस्था के दौरान समाज युवाओं को अपने वयस्क दायित्वों और कैरियर की कठोर प्रतिबद्धताओं से एक अस्थायी छूट या 'छूट का समय' देता है ताकि वे विभिन्न भूमिकाओं, मूल्यों, विचारधाराओं और आत्म-छवियों का सुरक्षित रूप से प्रयोग और अन्वेषण (Exploration) कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्तता विकास, आत्म-पहचान के निर्माण औरशोधात्मक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD)**—जिसे किसी शिक्षार्थी के वास्तविक विकासात्मक स्तर (जो वह बिना किसी सहायता के अकेले कर सकता है) और उसके संभावित विकासात्मक स्तर (जो वह किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के मार्गदर्शन या सहयोग से कर सकता है) के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, मचान (Scaffolding) और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) तथा 'शासकीय पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियां) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायीकरण, विलोपन नियंत्रण और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अर्थपूर्ण या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant/Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम केवल बौद्धिक तथ्यों का संचयन नहीं है, बल्कि यह वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति की संपूर्णता (संपूर्ण व्यक्तित्व, भावनाओं और व्यवहार) को जोड़ती है तथा तब घटित होती है जब छात्र किसी ऐसी विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों, जिज्ञासा और वास्तविक जीवन की समस्याओं से संबंधित मानते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञानार्जन, आंतरिक प्रेरणा और स्व-निर्देशित अधिगम (Self-Directed Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.