BaalVikas
Menu
MPTET
Asked 2 months ago · Viewed 17 times

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित विभिन्न बुद्धियों में से 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषताओं तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इनके तार्किक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि कोई एक एकीकृत इकाई नहीं है बल्कि स्वतंत्र बुद्धियों का एक सेट है। प्रकृतिवादी बुद्धि (Naturalistic Intelligence) वह क्षमता है जिसके द्वारा व्यक्ति प्रकृति, पौधों, जानवरों और पर्यावरण के अन्य तत्वों को पहचानता है और वर्गीकृत करता है। दूसरी ओर, अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति को अपनी खुद की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक इच्छाओं और आत्म-बोध की गहरी समझ प्रदान करती है, जिससे वह अपने जीवन को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर पाता है। अतः विकल्प (b) इन दोनों बुद्धियों की सही और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है।
Share:
अगला प्रश्न → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में… ← पिछला प्रश्न मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के…

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'जीवन स्पेस' (Life Space) की संकल्पना तथा अधिगम प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक संघर्षों—जैसे कि 'गम-गम संघर्ष' (Approach-Approach Conflict), 'परिहार-परिहार संघर्ष' (Avoidance-Avoidance Conflict), और 'गम-परिहार संघर्ष' (Approach-Avoidance Conflict)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थी के व्यवहार एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning / Modeling) की प्रक्रिया के चार प्रमुख घटकों—'अवधान' (Attention), 'धारण' (Retention), 'पुनरुत्पादन' (Reproduction), और 'अभिप्रेरण/पुनर्बलन' (Motivation/Reinforcement)—तथा 'स्व-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की संकल्पना के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-नियमन (Self-Regulation) पर इनके प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Growth and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित ज्ञान के तीन निरूपण रूपों—'क्रियात्मक निरूपण' (Enactive Representation), 'प्रतिबिम्बात्मक निरूपण' (Iconic Representation), और 'प्रतीकात्मक निरूपण' (Symbolic Representation)—के तार्किक क्रमिक विकास और कक्षा-कक्ष शिक्षण में 'सर्पिल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की संकल्पना के व्यावहारिक अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि या जी-कारक' (General Factor / 'g' factor) और 'विशिष्ट बुद्धि या एस-कारक' (Specific Factor / 's' factor) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय अधिगम और शैक्षिक निष्पादन (Academic Performance) में इनकी भूमिका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे इस विचार के रूप में परिभाषित किया जाता है कि शिक्षा केवल निष्क्रिय रूप से ज्ञान को ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वास्तविक अनुभवों, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और सक्रिय सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.