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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित अंतिम चरण यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) में विकसित होने वाली प्रमुख मानसिक क्षमता—'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्ष शिक्षण में इसके अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) संज्ञानात्मक विकास का चौथा और अंतिम चरण है जो लगभग 11 वर्ष की आयु से प्रारंभ होकर वयस्कता तक चलता है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का विकास है। इस स्तर पर बालक किसी समस्या के समाधान के लिए केवल प्रत्यक्ष या मूर्त साक्ष्यों पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि वह विभिन्न परिकल्पनाओं (Hypotheses) का निर्माण करता है, तार्किक रूप से उनके परिणामों की निगमन (Deduction) पद्धति से जांच करता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए जटिल समस्याओं का विश्लेषण करने में सक्षम होता है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
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