MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (g-factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (s-factor) की संकल्पनाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन (1904) ने अपने द्विकारक सिद्धांत (Two-Factor Theory) में यह प्रतिपादित किया कि मानवीय बौद्धिक क्षमता दो कारकों से मिलकर बनी होती है: सामान्य कारक (g-factor) और विशिष्ट कारक (s-factor)। 'g-कारक' जन्मजात, सार्वभौमिक और एक प्रकार की मानसिक ऊर्जा है जो सभी प्रकार के बौद्धिक और संज्ञानात्मक कार्यों में कम या ज्यादा मात्रा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहती है। इसके विपरीत, 's-कारक' अत्यधिक विशिष्ट होते हैं (जैसे संगीत, गणितीय दक्षता या चित्रकला) जो पर्यावरण, प्रशिक्षण, अभ्यास और अनुभव के माध्यम से अर्जित और विकसित किए जाते हैं। अतः विकल्प (a) इस सिद्धांत की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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