त्वरित लिंक्स
UPTET
6 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-स्तरीय मॉडल' (Three-Stratum Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बी. कैरोल (John B. Carroll) द्वारा प्रतिपादित 'पदानुक्रमित बुद्धि मॉडल' (Stratum I: संकीर्ण क्षमताएं, Stratum II: व्यापक संज्ञानात्मक क्षमताएं जैसे द्रव व क्रिस्टलाइज्ड बुद्धि, Stratum III: सामान्य बुद्धि 'g') के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैराइटल नेटवर्क' (Frontoparietal Network), 'व्हाइट मैटर माइलिन शीथ दक्षता' (White Matter Myelin Sheath Efficiency), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' के बीच पदानुक्रमित सूचना प्रसंस्करण, तंत्रिका संचरण वेग (Neural Conduction Velocity), और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) एवं जॉन हॉर्न (John Horn) के 'द्रव और क्रिस्टलाइज्ड बुद्धि' (Fluid and Crystallized Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्ट्रैटम ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Stratum Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अमूर्त समस्या-समाधान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बी. कैरोल का त्रि-स्तरीय मॉडल (Three-Stratum Theory) मानव बुद्धि को पदानुक्रमित रूप में प्रस्तुत करता है, जिसमें संकीर्ण क्षमताओं (Stratum I) से लेकर व्यापक क्षमताओं (Stratum II) और सामान्य बुद्धि 'g' (Stratum III) तक का समावेश होता है। इसका न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार मस्तिष्क के फ्रंटोपैराइटल नेटवर्क, व्हाइट मैटर माइलिन शीथ दक्षता और तंत्रिका संचरण वेग से जुड़ा हुआ है। कैटल-हॉर्न के द्रव (Fluid) और क्रिस्टलाइज्ड (Crystallized) बुद्धि के साथ इसके समन्वय से आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-स्ट्रैटम ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक दक्षता और समस्या-समाधान क्षमताओं का प्रभावी संवर्धन किया जाता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'प्राचीन भारतीय इतिहास और महाजनपद काल' के संदर्भ में, बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में उल्लिखित 'षोडश महाजनपद' (16 महाजनपदों) में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रमुख महाजनपदों (जैसे कुरु, पांचाल, मल्ल, काशी, कोशल, वत्स और सूरसेन) की राजधानियों (क्रमशः इंद्रप्रस्थ, अहिच्छत्र/कामपिल्य, कुशीनगर/पावा, वाराणसी, श्रावस्ती/अयोध्या, कौशाम्बी, और मथुरा) के पुरातात्विक साक्ष्यों, राजनीतिक संरचनाओं, तथा महाजनपद कालीन 'गणसंघ' (जैसे पवा और कुशीनगर के मल्ल, एवं कपिलवस्तु के शाक्य) की लोकतांत्रिक शासन प्रणालियों और राजतंत्रात्मक प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन के वैधानिक, ऐतिहासिक तथा शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नकीक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) और चार्ल्स जुड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विजुअल कॉर्टेक्स' (Visual Cortex), 'मोटोकॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), पैटर्न रीकग्निशन (Pattern Recognition), और न्यूरोनल सर्किट मैपिंग की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड पर्किन्स (David Perkins) और ग्वेन सालोमन (Gavriel Salomon) के 'नजदीकी और दूरस्थ स्थानांतरण' (Near and Far Transfer) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में कौशल सामान्यीकरण, वास्तविक जीवन के परिदृश्यों में ज्ञान के अनुप्रयोग व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में प्रसिद्ध 'शहीद स्मारक' और 'बेगम समरू' द्वारा निर्मित ऐतिहासिक 'सरधना चर्च' (Sardhana Church) स्थित है, जो उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख ईसाई तीर्थस्थल भी है?
→
उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और मध्यवर्ती बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी जैसी होती हैं, जो सूखने पर अत्यंत कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी बनाए रखने (जल धारण क्षमता) की अद्भुत क्षमता होती है।
2. राज्य के पर्वतीय एवं पठारी ढलानों पर तथा विंध्यन क्षेत्र में पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) या 'परुवा' (Parwa) मृदा हल्की बलुई-दोमट प्रकार की होती है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है और जिसमें सामान्यतः दलहनी फसलों की खेती की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में प्रवाहित होने वाली नदियों द्वारा प्रत्येक वर्ष बाढ़ के दौरान लाई जाने वाली नई जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु नाइट्रोजन एवं ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विकास की प्रक्रिया निरंतरता के सिद्धांत (Principle of Continuity) के अनुसार गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत तक बिना रुके क्रमिक रूप से चलती रहती है, यद्यपि विकास की गति सभी अवस्थाओं में एक जैसी तीव्र नहीं होती है।
2. 'समीप-दूराभिमुख विकास' (Proximodistal Trend) के नियम के अंतर्गत विकास का क्रम शरीर के केंद्र से शुरू होकर बाहर की ओर यानी सिर से पैर की दिशा (Cephalocaudal Trend) में अग्रसर होता है, जिसमें पहले रीढ़ की हड्डी और आंतरिक अंग विकसित होते हैं और बाद में हाथ-पैर की उंगलियां।
3. विकास की दर व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences) के कारण प्रत्येक बालक में अलग-अलग हो सकती है, किंतु सामान्य रूप से विकास के सभी प्रतिमान (Patterns) और अनुक्रम (Sequences) मानव जाति के सभी बालकों में एक जैसे होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.