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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम मूल्यांकन एवं सतत व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कैरोल ड्वेर्क (Carol Dweck) द्वारा प्रतिपादित 'विकासवादी मानसिकता बनाम नियतिवादी मानसिकता' (Growth Mindset vs. Fixed Mindset) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच त्रुटि आधारित प्लास्टिसिटी (Error-based Plasticity), संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), और न्यूरोप्लास्टिक रीवायरिंग (Neuroplastic Rewiring) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हattie (John Hattie) के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning और Feedback Loops) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रतिक्रिया (Constructive Feedback), स्व-नियमन (Self-Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: सही उत्तर विकल्प (b) है। कैरोल ड्वेर्क की 'विकासवादी मानसिकता' (Growth Mindset) और जॉन हattie के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning) का न्यूरो-संज्ञानात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि जब विद्यार्थी त्रुटियों को सीखने के अवसरों के रूप में देखते हैं, तो मस्तिष्क का 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) सकारात्मक रूप से सक्रिय होते हैं। इससे 'त्रुटि-संबंधी नकारात्मकता' (ERN) नियंत्रित होती है और हिप्पोकैम्पस के माध्यम से न्यूरोप्लास्टिक अनुकूलन (Neuroplastic Adaptation) तथा दीर्घकालिक समेकन (Long-term Consolidation) को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के माध्यम से विद्यार्थियों की स्व-नियामक क्षमताओं और संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता को विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य के अंगों' (उद्देश्य और विधेय) तथा 'रचना के आधार पर वाक्य के भेदों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रचना या बनावट के आधार पर वाक्यों के तीन मुख्य भेद होते हैं - सरल वाक्य (Simple Sentence), संयुक्त वाक्य (Compound Sentence) और मिश्र वाक्य (Complex Sentence)। 2. जिस वाक्य में एक से अधिक प्रधान या मुख्य उपवाक्य (Main Clauses) होते हैं और वे आपस में किसी समानाधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे- और, एवं, तथा, किंतु, परंतु) द्वारा जुड़े होते हैं, उसे 'मिश्र वाक्य' कहा जाता है। 3. 'मिश्र वाक्य' (Complex Sentence) में एक प्रधान उपवाक्य होता है और अन्य एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य (Subordinate Clauses) होते हैं, जो व्याधिकरण समुच्चयबोधक (जैसे- जो, कि, क्योंकि, यदि...तो) से जुड़े होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र तथा प्रमुख झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित 'टांडादरी जलप्रपात' (Tandadari Waterfall) और 'लखनिया दरी जलप्रपात' (Lakhaniya Dari Waterfall) विंध्य पर्वत श्रृंखला के पथरीले और जंगलों से घिरे क्षेत्रों में निर्मित हैं, जो यहाँ के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं। 2. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित 'बखिरा झील' (Bakhira Lake) राज्य की सबसे बड़ी प्राकृतिक मीठे पानी की झील है, जिसे हाल ही में रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है, और यह मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए जानी जाती है। 3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ गंगा और यमुना के मध्य स्थित दोआब क्षेत्र में 'फुलहर झील' (Phulhar Lake) पीलीभीत जिले में स्थित है, जो 'गोमती नदी' का उद्गम स्थल है और यह तलहटी के मार्श क्षेत्र से जल प्राप्त करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? हिंदी भाषा और व्याकरण के संदर्भ में, 'वाक्य-रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य भेद' के अंतर्गत यदि कोई वाक्य ऐसा हो जिसमें वक्ता के मन में किसी प्रकार की इच्छा, आशीर्वाद या शुभकामना का भाव प्रकट होता है, तो उस वाक्य को व्याकरण की दृष्टि से क्या कहा जाता है? उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजन और भूगर्भिक संरचना के संदर्भ में, राज्य के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड का पठार भी कहा जाता है) की मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह क्षेत्र प्राचीन काल के 'गोंडवाना लैंड' भूभाग का हिस्सा है तथा यहाँ मुख्य रूप से नीस, ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं। 2. इस पठारी क्षेत्र की उत्तरी सीमा पर यमुना और गंगा नदियाँ तथा दक्षिणी सीमा पर विंध्य पर्वत श्रेणी स्थित है। 3. इस क्षेत्र में तापमान की अधिकता और वर्षा की न्यूनता के कारण लाल मिट्टी (परवा, मार, राढ़ और भोंटा) का विस्तार पाया जाता है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों और तापीय परियोजनाओं (Thermal Power Plants) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अनपरा तापीय परियोजना (Anpara Thermal Power Station) - सोनभद्र जिला (यह रिहंद बांध के जलाशय के पास स्थित है और इसे उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है) 2. हरदुएगंज तापीय विद्युत गृह (Harduaganj Thermal Power Station) - अलीगढ़ जिला (यह उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना तापीय विद्युत संयंत्र है जिसकी स्थापना 1942 में की गई थी) 3. परीक्षा तापीय परियोजना (Panki Thermal Power Station) - कानपुर जिला (यह बेतवा नदी के किनारे झाँसी के पास स्थित है और इसे झाँसी जिले के प्रमुख ऊर्जा केंद्र के रूप में जाना जाता है) 4. ऊंचाहार तापीय परियोजना (Unchahar Thermal Power Station) - रायबरेली जिला (यह एनटीपीसी/NTPC द्वारा संचालित एक कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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