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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के वक्र' (Curves of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहौस और लुईस थर्स्टेन द्वारा विश्लेषित 'अधिगम वक्र के विभिन्न प्रकारों' (उन्नतदर, मंददर, एस-आकार और मिश्रित वक्र) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच मोटर और संज्ञानात्मक कौशल समेकन, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), और फीडबैक-संचालित न्यूरल रीमैपिंग की सक्रियण गतिकी, तथा पावल और स्किनर के शास्त्रीय एवं क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लर्निंग कर्व ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Learning Curve Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में प्रगति निगरानी, अधिगम अंतराल विश्लेषण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: एस-आकार का अधिगम वक्र (S-shaped learning curve) अधिगम प्रक्रिया में प्रारंभिक धीमी गति (जब नए न्यूरल मार्ग बन रहे होते हैं), मध्य में तीव्र अधिगम (उच्च सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी और पोटेंशिएशन के कारण), और अंत में पठार जैसी संतृप्ति को दर्शाता है। यह न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण व अधिगम रणनीतियों के अनुकूलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया' (Process of Socialization) के संदर्भ में, अमेरिकी समाजशास्त्री चार्ल्स कूले (Charles Cooley) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म का दर्पण सिद्धांत' (Looking-Glass Self Theory) के अनुसार, व्यक्ति के सामाजिक विकास और उसके 'स्व' (Self) के निर्माण में निम्नलिखित में से कौन सी तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएँ या चरण सम्मिलित होते हैं?
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'अनुभव आधारित अधिगम' (Experiential Learning) के उपागम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुभव आधारित अधिगम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं को रटने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभवों, वास्तविक जीवन की परिस्थितियों और पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करने का अवसर प्रदान करता है।
2. इस उपागम के अंतर्गत 'कोल की अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Kolb's Experiential Learning Cycle) में ठोस अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) जैसे चरण क्रमिक रूप से शामिल होते हैं।
3. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या में क्षेत्रीय भ्रमण (Field Trips) और सामुदायिक सर्वेक्षण (Community Surveys) को केवल मनोरंजक गतिविधियों के रूप में देखा जाना चाहिए, जिनका मूल्यांकन विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पर्यावरणीय प्रदूषण और उनके प्रभाव' के संदर्भ में, वायु प्रदूषण के प्रमुख प्राथमिक और द्वितीयक प्रदूषकों (Primary and Secondary Pollutants)—जैसे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O3), और परॉक्सीएसिटाइल नाइट्रेट (PAN)—के निर्माण स्रोतों, उनकी रासायनिक अंतःक्रियाओं, और उनके मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और उनके आयोजन स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शकुंभरी देवी मेला' का आयोजन प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित शिवालिक पहाड़ियों के बीच माँ शाकुंभरी देवी के मंदिर परिसर में किया जाता है, जो नवरात्र के दौरान विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
2. 'देव दीपावली' उत्सव का मुख्य आयोजन प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा नदी के घाटों (विशेषकर पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट) पर लाखों दीप जलाकर किया जाता है।
3. 'गोकुल बैराज परियोजना' और 'ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा' का संबंध मुख्य रूप से मथुरा और वृंदावन क्षेत्र से है, तथा 'कबिरा महोत्सव' का आयोजन संत कबीर नगर जिले के मघहर में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों और उनकी स्थापना वर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली जिला (स्थापना वर्ष: 1957)
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार - मेरठ एवं आसपास के क्षेत्र (स्थापना वर्ष: 1986)
3. कैमूर वन्यजीव विहार - मिर्जापुर एवं सोनभद्र (स्थापना वर्ष: 1990)
4. रानीपुर वन्यजीव विहार - बांदा एवं चित्रकूट (स्थापना वर्ष: 1977)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-कौन से सही सुमेलित हैं?
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