त्वरित लिंक्स
UPTET
4 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के शिक्षण' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता - डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporo-Parietal Junction), 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA - Visual Word Form Area), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus) के बीच phonological processing deficits, grapheme-phoneme conversion disruption, और orthographic mapping failures की सक्रियण गतिकी, तथा स्टैनिस्लास दिहेन (Stanislas Dehaene) के 'न्यूरो-एजुकेशनल रीडिंग मॉडल' (Neuronal Recycling Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी साक्षरता हस्तक्षेप (Multisensory Literacy Intervention), फोनीक जागरूकता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विशिष्ट अधिगम अक्षमता जैसे 'डिस्लेक्सिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक विश्लेषण के अनुसार, मस्तिष्क का 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA) और बायाँ टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन लिखित प्रतीकों (Graphemes) को ध्वनियों (Phonemes) में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिस्लेक्सिया से ग्रसित बच्चों में इन क्षेत्रों के बीच न्यूरल कनेक्टिविटी का अभाव होता है, जिससे फोनेलॉजिकल प्रोसेसिंग कमजोर हो जाती है। स्टैनिस्लास दिहेन का 'न्यूरोनल रीसायकलिंग हाइपोथिसिस' स्पष्ट करता है कि मस्तिष्क को पढ़ने के लिए अपने विकासवादी रूप से पुराने विजुअल सर्किट्स को पुनः उपयोग में लाना होता है। इस न्यूरो-जैविक बाधा को दूर करने के लिए 'ऑर्टन-जिलिंगहम' (Orton-Gillingham) जैसी बहुसंवेदी और संरचित साक्षरता रणनीतियाँ (Multisensory Literacy Interventions) अत्यधिक प्रभावी होती हैं जो न्यूरो-प्लास्टिसिटी के माध्यम से वैकल्पिक तंत्रिका मार्गों को सक्रिय करती हैं। अत: विकल्प (c) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
Related Questions
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की संकल्पना और भारतीय संदर्भ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा का प्रतिपादन ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा वर्ष 1988 में किया गया था, जिसके अंतर्गत किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने के लिए न्यूनतम 1,500 स्थानिक (Endemic) पौधों की प्रजातियों का होना तथा उस क्षेत्र की मूल वानस्पतिक भूमि का कम से कम 70% भाग नष्ट हो चुका होना आवश्यक है।
2. वर्तमान में वैश्विक स्तर पर कुल 36 जैव विविधता हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से संपूर्ण भारत में केवल दो ही क्षेत्र यानी 'पश्चिमी घाट' (Western Ghats) और 'पूर्वी हिमालय' (Eastern Himalayas) शामिल हैं।
3. 'सुंदर्लैंड' (Sundaland) जैव विविधता हॉटस्पॉट के अंतर्गत भारत का निकोबार द्वीप समूह भी शामिल है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के जैव विविधता क्षेत्रों से अपनी पारिस्थितिकीय समानता रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा 1885 में किए गए प्रयोगात्मक अध्ययन पर आधारित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, अधिगम के तुरंत बाद शुरुआती घंटों में होने वाले तीव्र स्मृति हास (Rapid Initial Memory Loss) को रोकने या कम करने के लिए, आधुनिक संज्ञानात्मक मनोविज्ञान और शैक्षिक अनुसंधान के तहत निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास और नैतिक तर्कणा (Moral Development and Reasoning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरणों' (Stages of Moral Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'एंटीरियर इंसुला' (Anterior Insula) और 'सुपीरियर टेम्पोरल सुलस' (Superior Temporal Sulcus) के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रियाओं और संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य लेने की क्षमता की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल के नैतिकता मॉडल' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षाशास्त्र (Value-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक लचीलेपन, न्यायसंगत व्यवहार व सामाजिक-भावनिक समरसता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता और संरक्षण' के संदर्भ में, भारत सरकार द्वारा स्थापित 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) का गठन किस वर्ष और किस मुख्य अधिनियम के अंतर्गत किया गया था, तथा यह प्राधिकरण उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड (UPSBB) और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) के साथ मिलकर पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, जैव संसाधनों के न्यायसंगत लाभ-साझाकरण (Access and Benefit Sharing - ABS), और 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' के प्रभावी क्रियान्वयन में किस प्रकार की विधिक, प्रशासनिक और पारिस्थितिकीय भूमिका निभाता है?
→
उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनकी प्राप्ति स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चूना पत्थर' (Limestone) के उत्पादन के लिए उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिले का कजराहट-गुरमा क्षेत्र और सोनभद्र जिले का चुर्क-डल्ला क्षेत्र प्रमुख रूप से प्रसिद्ध है, जिनका उपयोग सीमेंट और रासायनिक उद्योगों में किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में 'यूरिनियम' (Uranium) के सीमित भंडार एकमात्र ललितपुर जिले से प्राप्त होते हैं, जहाँ यह ग्रेनाइट और शिस्ट चट्टानों के साथ पाया जाता है।
3. 'ग्लासैंड' (बाल्डू/सिलिका रेत), जिसका उपयोग कांच उद्योग में प्रमुखता से किया जाता है, राज्य में मुख्य रूप से गंगा और यमुना नदियों के अपवाह क्षेत्रों तथा प्रयागराज (इलाहाबाद) और चित्रकूट जिलों के क्षेत्रों से निकाला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.