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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अननुबंधित और अनुबंधित उद्दीपन-अनुक्रिया साहचर्य' (Unconditioned & Conditioned Stimulus-Response Association) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन (LTP - Long-Term Potentiation), और भय या भावनात्मक अनुबंधन (Emotional Conditioning) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वॉटसन (John B. Watson) के 'व्यवहारवादी दृष्टिकोण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Behavioral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सकारात्मक आदत निर्माण, भावनात्मक संवेदी नियमन व समग्र अनुक्रिया अनुकूलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलोव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning) न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से मस्तिष्क के लिम्बिक तंत्र, विशेषकर अमिकडाला और हिप्पोकैम्पस की कार्यप्रणाली से जुड़ा है। जब कोई अनुबंधित उद्दीपन (CS) अननुबंधित उद्दीपन (UCS) के साथ बार-बार सहसंबद्ध होता है, तो सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी और 'लॉन्ग-टर्म पोटेंशिएशन' (LTP) के माध्यम से न्यूरोनल मार्ग मजबूत होते हैं। आधुनिक शिक्षण और 'न्यूरो-बिहेवियरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' में इसका उपयोग विद्यार्थियों के भीतर सकारात्मक भावनात्मक अनुकूलन, भय या चिंता का शमन, और स्वस्थ आदत निर्माण के लिए किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक (G-Factor) और विशिष्ट कारक (S-Factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विस्तृत डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रंटो-पैरिएटल नेटवर्क्स' (Distributed Fronto-Parietal Networks - G-factor के अंतर्गत सामान्य संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अमूर्तता और कार्यशील स्मृति), तथा 'विशिष्ट कॉर्टिकल और सबकोर्टिकल सेंसरी-मोटर क्षेत्रों' (Specific Cortical & Subcortical Sensory-Motor Areas - S-factor के अंतर्गत संगीत, गणित या कला जैसे विशिष्ट डोमेन-आधारित कौशल) के बीच न्यूरोनल कनेक्टिविटी, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी, और कॉर्टिकल थिकनेस की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्पीयरमैन ऑप्टिमाइज्ड डिफरेंशियल पेडागोजी' (Neuro-Spearman Optimized Differential Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामान्य बौद्धिक दक्षता, विशिष्ट कौशलों के विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) एवं समावेशी शिक्षा' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities जैसे डिस्लेक्सिया, डिसकैल्कुलिया और डिसग्राफिया) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑक्सिपिटो-टेम्पोरल जंक्शन' (Occipitotemporal Junction - Visual Word Form Area), 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus - Numerosity Processing), और 'मोटर कॉर्टेक्स व सेरिबेलम' के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण, और सूक्ष्म मोटर समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्कार्स और सैम्युअल किर्क के उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-समावेशी अनुकूलित शिक्षाशास्त्र' (Neuro-Inclusive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी रणनीतियों (Multi-sensory Structured Language/Math Approach), अनुकूलित मूल्यांकन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य की ग्रीष्मकालीन कृषि प्रणालियों, मृदा संरचना और मानसून पूर्व वर्षा (Nor'westers/Mango Showers) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के अंत में और मानसून के आगमन से ठीक पूर्व होने वाली वर्षा को स्थानीय भाषा में 'आम्र वर्षा' (Mango Showers) या 'काल बैसाखी' के रूप में जाना जाता है, जो धान की नर्सरी और आम की फसल के लिए अत्यधिक लाभदायक होती है।
2. उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदा मुख्य रूप से दक्षिणी पठारी एवं बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाती है। 'मार' मृदा चिकनी मिट्टी (Clay) की प्रधानता वाली उपजाऊ काली मिट्टी जैसी होती है, जो सूखने पर कड़ी हो जाती है और उसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं, जबकि 'काबर' मृदा हल्के भूरे रंग की चिकनी दोमट मृदा होती है।
3. राज्य के तराई और भाबर क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर अपेक्षाकृत बहुत नीचे (अधिक गहराई पर) पाया जाता है, क्योंकि यहाँ की चट्टानें पूरी तरह से छिद्रयुक्त बलुआ पत्थर से बनी होती हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में नलकूपों (Tubewells) द्वारा सिंचाई करना असंभव होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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प्राचीन भारतीय दर्शन और उपनिषदों के संदर्भ में, 'मुण्डकोपनिषद' (Mundaka Upanishad) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुण्डकोपनिषद अथर्ववेद से संबंधित है, तथा इसी उपनिषद से भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' (सत्य की ही जीत होती है) लिया गया है।
2. इस उपनिषद में वैदिक कर्मकांडों और यज्ञों को 'टूटी हुई नौका' (Unsafe Boat) के समान बताया गया है, जो संसार रूपी सागर को पार कराने में असमर्थ हैं, और इसके स्थान पर आत्मज्ञान व ब्रह्मविद्या को सर्वोच्च माना गया है।
3. इसमें परा विद्या (आध्यात्मिक ज्ञान) और अपरा विद्या (लौकिक ज्ञान, जैसे वेद, व्याकरण, ज्योतिष आदि) दोनों का स्पष्ट वर्णन किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत वर्णित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की संकल्पनाओं के न्यूरो-संज्ञानात्मक और सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation) स्वरूप, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'रचनावादी अधिगम सिद्धांत' (Constructivist Learning Theory) और 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में स्वेच्छा-संचालित संज्ञान (Self-Regulated Cognition) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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