गार्डनर: बहुबुद्धि
Asked 2 months ago · Viewed 13 times
'बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory: सामाजिक, मूर्त, और अमूर्त बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'ऑक्सीपिटोपैरिएटल कॉर्टेक्स' (Occipitoparietal Cortex), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच सामाजिक संज्ञान नियमन (Social Cognition Regulation), दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण (Visuospatial Processing), और अमूर्त तार्किक कार्यकरण (Abstract Logical Functioning) की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, न्यूरो-कॉम्प्रिहेंशिव डिफरेंशिएटेड पेडागोजी (Neuro-comprehensive Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी व्यावहारिक दक्षता, अनुकूलक समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (a) है। एडवर्ड थार्नडाइक के बहु-कारक सिद्धांत (जिसमें सामाजिक, मूर्त और अमूर्त बुद्धि शामिल हैं) का न्यूरो-संज्ञानात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि vmPFC सामाजिक संज्ञान को, ऑक्सीपिटोपैरिएटल कॉर्टेक्स दृश्य-स्थानिक मूर्त प्रसंस्करण को, और DLPFC अमूर्त तार्किक तर्क को संचालित करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इन तंत्रिका तंत्रों की गतिकी को समझकर विभेदित निर्देश (Differentiated Pedagogy) लागू करने से विद्यार्थियों में बहुआयामी व्यावहारिक और बौद्धिक क्षमताओं का प्रभावी संवर्धन होता है।
अगला प्रश्न →
'बुद्धि के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences)' के…
← पिछला प्रश्न
'बुद्धि के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में…
Related Questions
→
'अधिगम के सिद्धांत' के अंतर्गत एडविन गुथरी (Edwin Guthrie) द्वारा प्रतिपादित 'समीपता का सिद्धांत' (Contiguity Theory of Learning: उद्दीपक और अनुक्रिया के बीच एक ही समय में होने वाले संयोजन पर आधारित) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'प्राइमरी मोटर कॉर्टेक्स' (Primary Motor Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच तंत्रिका सिंैप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), एकल-प्रयास अधिगम (Single-Trial Learning), और काइनेस्थेटिक मार्ग सक्रियण की गतिकी, तथा इवान पावलोव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कंटिग्युटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Contiguity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तात्कालिक आदत निर्माण, व्यवहार संशोधन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास और थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत' के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रेल स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच डोपापिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), साहचर्य मार्ग (Associative Pathway) और सिनैप्टिक स्ट्रेंथनिंग (Synaptic Strengthening) की सक्रियण गतिकी, तथा इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुदृढ़ीकरण आधारित शिक्षाशास्त्र (Reinforcement-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक संयोजन, आदतन निर्माण और स्व-नियमित प्रतिक्रियाओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच सिनाप्टिक प्रूनिंग, न्यूरल पाथवे मैपिंग और कौशल सामान्यीकरण (Skill Generalization) की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जूड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अवधारणात्मक अंतर्दृष्टि (Conceptual Insight) व अर्जित ज्ञान के वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के त्रि-आयामी और बहुकारक सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-तत्व सिद्धांत' (Multifactor Theory: सामाजिक, मूर्त और अमूर्त बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - अमूर्त और तार्किक बुद्धि), 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex - मूर्त और व्यावहारिक बुद्धि), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Temporo-Parietal Cortex - सामाजिक बुद्धि व अंतर्व्यक्तिगत संज्ञान) के बीच विशिष्ट तंत्रिका मार्ग सक्रियण (Specific Neural Pathway Activation), सिनेप्टिक स्पेशलाइजेशन, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलर स्वतंत्रता की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टून (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत' (Primary Mental Abilities) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस मॉड्युलेटेड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Modulated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी क्षमताओं के संतुलित विकास, संज्ञानात्मक अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के बहुआयामी एवं बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (जिसमें भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतरापवैक्तिक, अंतःवैक्तिक और प्रकृतिवादी बुद्धि शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विशिष्ट गोलार्द्धों और क्षेत्रों—यथा 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas), 'पश्चकपाल लोब' (Occipital Lobe), 'सेरिबैलम व मोटर कॉर्टेक्स' (Cerebellum & Motor Cortex), और 'प्रीफ्रंटल-लिम्बिक सर्किट' (Prefrontal-Limbic Circuit)—के बीच विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क मॉड्यूलरिटी (Neural Network Modularity), स्वतंत्र प्रसंस्करण मार्गों (Independent Processing Pathways), और संज्ञानात्मक विशिष्टीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Emotional Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉड्यूलर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Modular Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-क्षमता आधारित मूल्यांकन, विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) व समग्र संज्ञानात्मक उत्कृष्टता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि और उसका मापन (Intelligence and its Measurement)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravyaktigat और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न корटिकल क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र', 'पैरिएटल लोब', 'ऑक्सीपिटल लोब', 'सेरिबैलम और मोटर कॉर्टेक्स', 'टेम्पोरल लोब', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी, क्रॉस-कॉर्टिकल न्यूरल कनेक्टिविटी और स्वतंत्र प्रसंस्करण प्रणालियों की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रistarchic बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के सम्मान, बहु-आयामी क्षमताओं के दोहन व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिक, अंतर्व्यक्तिगत, अंतराव्यक्तिगत और प्रकृतिवादी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), 'सेरिबैलम' (Cerebellum) और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes) के बीच विशिष्ट डोमेन प्रसंस्करण, समानांतर न्यूरल नेटवर्क सक्रियण, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलरिटी (Modular Theory of Mind) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्र-तंत्रीय सिद्धांत' (Triarchic Theory: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिफरेंशियल-कॉग्निटिव पेडागोजी (Differential-Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं, समस्या-समाधान कौशल व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'विभिन्न बुद्धियों' (जैसे- भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतर-व्यक्तिगत और प्रकृतिवादी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विशिष्ट कॉर्टिकल क्षेत्रों (जैसे- ब्रोकन/वर्निक क्षेत्र, पेइरटल लोब, ऑसिपिटल-टेम्पोरल जंक्शन, सेरिबैलम, और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स) के बीच स्वतंत्र न्यूरल मॉड्यूल और मॉड्यूलरिटी ऑफ माइंड की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रित्त बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory: विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिफरेंशिएटेड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Differentiated Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी प्रतिभाओं, संज्ञानात्मक स्वायत्तता व समग्र समस्या-समाधान क्षमताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.