शिक्षण विधियाँ
Asked 2 months ago · Viewed 14 times
'शिक्षण विधियाँ और सूक्ष्म शिक्षण (Micro-teaching)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रॉबर्ट बुश (Robert Bush) और डीन डब्ल्यू एलन (Dean W. Allen) द्वारा विकसित 'सूक्ष्म शिक्षण चक्र' (Micro-teaching Cycle: योजना, शिक्षण, प्रतिपुष्टि, पुनर्योजना, पुनर्शिक्षण और पुनरप्रतिपुष्टि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच कौशल विखंडन (Skill Deconstruction), तत्काल प्रतिपुष्टि एकीकरण (Immediate Feedback Integration), और मोटर-कॉग्निटिव ऑटोमेशन की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल. एलन (David L. Allen) के 'व्यवहार संशोधन और शिक्षण कौशल प्रतिमान' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, रिफ्लेक्टिव-टीचर पेडागोजी (Reflective-Teacher Pedagogy) और शिक्षकों तथा छात्र-अध्यापकों में शिक्षण दक्षता, कक्षा-प्रबंधन कौशल व समग्र педагогиकल निपुणता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सूक्ष्म शिक्षण (Micro-teaching) एक स्केल्ड-डाउन शिक्षण तकनीक है जो छात्र-अध्यापकों या शिक्षकों को जटिल शिक्षण कृत्यों को छोटे, प्रबंधनीय कौशलों में विभाजित करके अभ्यास करने में मदद करती है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब सूक्ष्म शिक्षण चक्र के 'प्रतिपुष्टि' (Feedback) चरण को निष्पादित किया जाता है, तो मस्तिष्क का 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) कार्यकारी नियंत्रण और रणनीतिक समायोजन संभालता है, जबकि 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS) प्रेक्षणात्मक और अनुकरण आधारित व्यवहारों को एकीकृत करने में सहायता करता है। इससे सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी के माध्यम से मोटर-कॉग्निटिव ऑटोमेशन प्राप्त होता है, जिससे वास्तविक कक्षा में शिक्षण दक्षता बढ़ती है। अतः विकल्प (A) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
अगला प्रश्न →
'शिक्षण विधियाँ और कक्षा-कक्ष प्रबंधन' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन…
← पिछला प्रश्न
सूक्ष्म शिक्षण चक्र में, शिक्षण कितने मिनट तक चलता है?
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य कक्षा-कक्ष में विविध आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों (विशेषकर विकलांग और अधिगम अक्षमता वाले बच्चों) के लिए शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इस संदर्भ में, UDL के तीन प्रमुख प्रा-रूपी सिद्धांत निम्नलिखित में से कौन से हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के संदर्भ में 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, विधिक और संरचनात्मक विकास का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय प्रणाली ऐसी व्यवस्था का निर्माण करती है जहाँ सामान्य विद्यालयों के कछिकक्षीय वातावरण, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियों और भौतिक अवसंरचना में इस प्रकार का मूलभूत रूपांतरण किया जाता है कि विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं (शारीरिक, मानसिक, संवेदी या सामाजिक) से ग्रसित बच्चे और सामान्य बच्चे बिना किसी अलगाव के एक ही छत के नीचे सह-अधिगम करते हैं, तो इस आधुनिक समावेशी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
जॉन डीवी (John Dewey) और विलियम किलपैट्रिक (William Kilpatrick) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोजेक्ट प्रणाली' (Project Method) के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख चरणों—'संज्ञा या सृजन' (Providing Situation), 'योजना बनाना' (Planning), 'क्रियान्वयन या निष्पादन' (Executing), और 'मूल्यांकन' (Evaluating)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास और प्रयोजनमूलक अधिगम (Purposeful Learning) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हर्बर्ट गार्डनर (Howard Gardner) अथवा डेविड पर्किंस (David Perkins) की 'वितरित बुद्धि' (Distributed Intelligence / Cognition in the Wild) तथा एडविन हचिंस (Edwin Hutchins) के विचारों पर आधारित 'वितरित संज्ञान' (Distributed Cognition) की अवधारणा—जिसके तहत संज्ञान केवल मस्तिष्क के भीतर सीमित न रहकर व्यक्तियों, सांस्कृतिक उपकरणों, भौतिक माध्यमों और सामाजिक अंतःक्रियाओं के बीच वितरित (Distributed across persons, environment, and tools) होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक समस्या-समाधान, डिजिटल/तकनीकी साधनों के उपयोग, और सामाजिक-सांस्कृतिक अधिगम परिवेश के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
सोमा अपनी कक्षा में “इक्विटी” के बारे में पढ़ाना चाहती है। उसके लिए शिक्षण के सबसे उपयुक्त तरीके का चयन करें।
→
नेहा EVS में फसल के प्रकारों के बारे में पढ़ाना चाहती है, तो निम्नलिखित में से उसके लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण पद्धति क्या होगी?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.