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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia - गणितीय वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, ब्रायन बटरवर्थ (Brian Butterworth) द्वारा प्रतिपादित 'कोर नंबर हाइपोथेसिस' (Core Number Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सल्カス' (Intraparietal Sulcus - IPS) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संख्यात्मक परिमाण प्रसंस्करण (Numerical Magnitude Processing), स्थानिक-अंक मानचित्रण और कार्यशील स्मृति की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास दहाने (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'ट्रिपल कोड मॉडल' (Visual, Auditory Verbal, and Magnitude Codes) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी न्यूमेरेसी शिक्षाशास्त्र (Multisensory Numeracy Pedagogy) और विद्यार्थियों में गणितीय प्रवाह, तार्किक संख्या बोध व समग्र संख्यात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में डिस्केलकुलिया (गणितीय वैकल्य) के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार की चर्चा की गई है। ब्रायन बटरवर्थ के 'कोर नंबर हाइपोथेसिस' और स्टैनिस्लास दहाने के 'ट्रिपल कोड मॉडल' के अनुसार, मस्तिष्क का 'इंट्रापैरिएटल सल्カス' (IPS) संख्यात्मक परिमाण को समझने के लिए जिम्मेदार मुख्य क्षेत्र है। इस क्षेत्र में सक्रियण की विसंगति से बच्चों को गणितीय गणनाओं में कठिनाई होती है। इसे दूर करने के लिए 'मल्टीसेंसरी न्यूमेरेसी शिक्षाशास्त्र' (दृश्य, श्रव्य और स्पर्शनीय सामग्रियों का उपयोग) सबसे प्रभावी शिक्षण पद्धति है। अत: विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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