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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के अंतर्दृष्टि या सूझ के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कॉहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट अधिगम' (Gestalt Learning) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'इन्फीरियर टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Inferior Temporal Cortex) और 'पूर्व-ललाट पालि' (Prefrontal Cortex) के बीच समग्र मैपिंग, समस्या के अवयवों के पुनर्गठन और 'अहा! अनुभव' (Aha! Moment) की सक्रियण गतिकी, तथा कर्ट कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक क्षेत्र और संगठन के नियमों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान और खोज-आधारित शिक्षाशास्त्र (Discovery-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में अमूर्त चिंतन, तार्किक पुनर्गठन व समग्र संज्ञानात्मक अंतर्दृष्टि के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत गेस्टाल्टवादियों (कोहलर, कोफ्का और वर्दीमर) द्वारा प्रतिपादित 'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) इस बात पर जोर देता है कि अधिगम केवल क्रमिक प्रयासों या त्रुटियों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्थिति के समग्र रूप (Gestalt) की तात्कालिक समझ पर आधारित होता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब कोई विद्यार्थी किसी समस्या का समाधान अचानक खोज लेता है (जिसे 'अहा! अनुभव' या Aha! Moment कहा जाता है), तो उसमें मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (कार्यकारी निर्णय और योजना), 'पैरिएटल लोब' (स्थानिक और समग्र एकीकरण) तथा 'इन्फीरियर टेम्पोरल कॉर्टेक्स' के बीच एक तीव्र न्यूरल सिंक्रनाइज़ेशन होता है। यह प्रक्रिया आधुनिक खोज-आधारित और समस्या-समाधान शिक्षाशास्त्र (Discovery-Based Pedagogy) के साथ पूरी तरह संरेखित है, जो बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर तार्किक पुनर्गठन और समग्र संज्ञानात्मक अंतर्दृष्टि का संवर्धन करती है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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प्राचीन भारतीय दर्शन और उपनिषदों के संदर्भ में, 'मुण्डकोपनिषद' (Mundaka Upanishad) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुण्डकोपनिषद अथर्ववेद से संबंधित है, तथा इसी उपनिषद से भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' (सत्य की ही जीत होती है) लिया गया है।
2. इस उपनिषद में वैदिक कर्मकांडों और यज्ञों को 'टूटी हुई नौका' (Unsafe Boat) के समान बताया गया है, जो संसार रूपी सागर को पार कराने में असमर्थ हैं, और इसके स्थान पर आत्मज्ञान व ब्रह्मविद्या को सर्वोच्च माना गया है।
3. इसमें परा विद्या (आध्यात्मिक ज्ञान) और अपरा विद्या (लौकिक ज्ञान, जैसे वेद, व्याकरण, ज्योतिष आदि) दोनों का स्पष्ट वर्णन किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अनुसार, जब व्यक्ति अपनी निम्न-स्तरीय प्राथमिक आवश्यकताओं (जैसे शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएँ) को संतुष्ट कर लेता है, तब वह उच्च-स्तरीय विकास आवश्यकताओं (Growth Needs) की ओर बढ़ता है। इस पदानुक्रम में 'सम्मान की आवश्यकता' (Esteem Needs) से ठीक नीचे और 'सुरक्षा की आवश्यकता' (Safety Needs) से ऊपर निम्नलिखित में से कौन सी विशिष्ट आवश्यकता स्थित होती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिमत्ता के आधुनिक सूचना प्रक्रमण सिद्धांतों (Information Processing Theories of Intelligence)' के संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धिमत्ता का त्रिआयामी/त्रितंत्र मॉडल' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता' (Componential/Analytical Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'अंसुलेट गाइरस' (Angular Gyrus) के बीच कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control), अमूर्त तर्क और तार्किक समस्याओं के समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चरणों' (विशेषकर मूर्त एवं औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, आलोचनात्मक चिंतन व तार्किक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theories of Learning) के संदर्भ में, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) में प्रयुक्त शब्दावली 'जीवन-अवकाश' (Life Space - $LSp$) के अंतर्गत निम्नलिखित में से किन दो प्रमुख घटकों या कारकों का समावेश होता है, जो किसी व्यक्ति के विशिष्ट समय में उसके मनोवैज्ञानिक वातावरण को निर्धारित करते हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) में उल्लिखित 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalist Intelligence) से लैस व्यक्तियों में निम्नलिखित में से कौन सी प्रमुख विशेषता या क्षमता सबसे अधिक प्रबल रूप से पाई जाती है?
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