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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लैक्सिबिलिटी, ओरिजिनैलिटी) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN) के बीच विचारों के सहज सृजन, मानसिक लचीलेपन और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खोजबीन आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, पार्श्व तार्किकता (Lateral Thinking) व समग्र सृजनात्मक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सृजनात्मकता (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक अध्ययन बताते हैं कि नवीन और मौलिक विचार उत्पन्न करने के लिए मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN - जो दिवास्वप्न और सहज विचारों से जुड़ा है) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (ECN - जो ध्यान और मूल्यांकन से जुड़ा है) के बीच गतिशील अंतःक्रिया आवश्यक होती है। गिलफोर्ड का अपसारी चिंतन (फ्लूएंसी, फ्लैक्सिबिलिटी, ओरिजिनैलिटी) और ग्राहम वालेस के रचनात्मक चिंतन के चरण (विशेषकर उद्भवन और प्रदीप्ति) इसी तंत्रिका तंत्र की सक्रियता से संचालित होते हैं। विकल्प 'a' इस वैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण की सबसे सटीक व्याख्या करता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में प्रवाहित होने वाली नदियों तथा उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध 'राप्ती' नदी का उद्गम नेपाल हिमालय के रुकुमकोट (Dhaulagiri range) से होता है, जो गोरखपुर जिले से बहते हुए बरहज के निकट घाघरा नदी में मिल जाती है।
2. 'शारदा' नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में काली या महाकाली कहा जाता है) का उद्गम मिलाम ग्लेशियर (कुमाऊं हिमालय) से होता है, और यह उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी के पास प्रवेश करती है।
3. 'गोमती' नदी का उद्गम पीलीभीत जिले की फुलहर झील (Madho Tanda) से होता है, जो एक मैदानी उद्गम वाली नदी है और गाजीपुर के निकट गंगा नदी में मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि और फसल उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'लोमी' (दोमट) और जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) धान, गेहूँ और गन्ने की सघन खेती के लिए अत्यधिक उपजाऊ मानी जाती है, क्योंकि इसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है।
2. 'राँड़' (Raad) और 'मार' (Mar) प्रकार की मृदाएँ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के उत्तर में स्थित तराई पट्टी में पाई जाती हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और जिनमें धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश में 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' (Soil Health Card Scheme) के अंतर्गत किसानों को उनके खेतों की मिट्टी की पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी दी जाती है, ताकि उर्वरकों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष या अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी और यह मुख्य रूप से एशियाई शेरों और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता था।
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसका विस्तार मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और अमरोहा जिलों तक फैला हुआ है।
3. रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
4. किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ दलदली हिरण (बारासिंगा) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) और तंत्रिका संबंधी अनुकूलन' के संदर्भ में, ई.एल. थॉर्नडाइक (E.L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex) और 'एसोसिएशन एरिया' (Association Areas) की तंत्रिका पुनर्संरचना (Neural Plasticity) एवं पूर्व-अधिगम अनुभवों के पुनरुत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक लचीलेपन और विद्यार्थियों में अंतःविषय अनुप्रयोग (Interdisciplinary Application) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के समावेशन और बहुबाधा (Multiple Disabilities) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जैकब किर्बी (Jacob Kerewsky) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रतिपादित 'अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण, कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य' (ICF) मॉडल के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक एकीकरण केंद्रों' (Sensory Integration Centers) और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) की मोटर समन्वय, संतुलन और कार्यात्मक अनुकूलन की सक्रियण गतिकी, तथा जीन अय्यर (Jean Ayres) द्वारा प्रतिपादित 'संवेदी एकीकरण सिद्धांत' (Sensory Integration Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुकूलित भौतिक वातावरण और विद्यार्थियों में कार्यात्मक स्वतंत्रता व समग्र विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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