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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी उत्पादन' (Divergent Production) के घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तारीकरण' (Elaboration)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network) के बीच रचनात्मक विचार सृजन और आलोचनात्मक मूल्यांकन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) द्वारा प्रतिपादित 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव उपागमों और विद्यार्थियों में सृजनात्मक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न जे.पी. गिलफोर्ड के अपसारी उत्पादन (जिसमें धाराप्रवाहता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारीकरण शामिल हैं) और एडवर्ड डी बोनो के पार्श्व चिंतन के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधारों पर आधारित है। आधुनिक तंत्रिका विज्ञान के अनुसार, सृजनात्मक प्रक्रिया में मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (कल्पना और नए विचारों के सृजन के लिए) और 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (उन विचारों के मूल्यांकन और परिशोधन के लिए) दोनों मिलकर कार्य करते हैं। विकल्प (ए) इस न्यूरो-संज्ञानात्मक गतिकी और समावेशी शिक्षा में इसके व्यावहारिक निहितार्थों की सबसे सटीक व्याख्या करता है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) और बाल अधिकारों के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। 2. NCF 2005 के अनुसार, समावेशी शिक्षा केवल विशेष विद्यालयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य विद्यालयों को ही अपनी शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम और भौतिक बुनियादी ढाँचे में ऐसा लचीलापन लाना चाहिए जो प्रत्येक विविधतापूर्ण पृष्ठभूमि और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की व्यक्तिगत सीखने की गति को स्वीकार कर सके। 3. समावेशी शिक्षा का दर्शन 'अतिरिक्त सहायता और विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' पर जोर देता है ताकि सामान्य कक्षा कक्ष में सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences in Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) द्वारा प्रतिपादित 'बौद्धिक भिन्नता और मानसिक आयु' की अवधारणा के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स' (यथा- आर्कुएट फेसिकुलस और कॉर्pus कैलोसम), 'कॉर्टिकल थिकनेस' (Cortical Thickness), और 'हेमिस्फेरिक लेटरलाइजेशन' (Hemispheric Lateralization) के बीच सूचना प्रसंस्करण गति (Information Processing Speed), तंत्रिका नेटवर्क दक्षता (Neural Network Efficiency), और संज्ञानात्मक अनुकूलनशीलता की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' (Psychological Types: बहिर्मुखता और अंतर्मुखता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिफरेंटिऐटेड ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Differentiated Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत शिक्षण गतिकी, अनुकूलित शिक्षण रणनीतियों व समग्र संज्ञानात्मक समरूपता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और शिक्षण रणनीतियों' के संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत चार प्रमुख चरणों—'मूर्त अनुभव' (Concrete Experience), 'परावर्तनीय प्रेक्षण' (Reflective Observation), 'मूर्त अवधारणात्मक रूपरेखा/सार्वभौमिक संकल्पना' (Abstract Conceptualization), और 'सक्रिय प्रयोग' (Active Experimentation)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा इस चक्र से उत्पन्न होने वाली चार अधिगम शैलियों—'अभिसारी' (Converger), 'अपसारी' (Diverger), 'आत्मसातकर्ता' (Assimilator), और 'समायोजक' (Accommodator)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-Centred and Progressive Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'प्रगतिशील शिक्षा' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), कार्यशील स्मृति एकीकरण, और संवेगात्मक संलग्नता की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'सक्रिय ज्ञान निर्माण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रोग्रेसिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Progressive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक समस्या-समाधान, आलोचनात्मक चिंतन व समग्र लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों और उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'थारू' जनजाति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों (विशेषकर महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी जिलों) में निवास करती है और यह दीपावली के पर्व को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है। 2. 'बुक्सा' (या बोक्सा) जनजाति बिजनौर और आगरा जिलों में पाई जाती है, जो पटवारी नामक स्थानीय पंचायत व्यवस्था का पालन करती है और इनकी मुख्य भाषा हिंदी की बोक्सा है जिसे देवनागरी लिपि में लिखा जाता है। 3. 'جونसारियों' (Jaunsari) जनजाति उत्तर प्रदेश के जौनपुर और गाजीपुर जिलों में बहुतायत में पाई जाती है, जो पॉलीएंड्री (बहुपति प्रथा) के लिए प्रसिद्ध है और यहाँ 'ड्योढ़ी' और 'बजू' नामक पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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