त्वरित लिंक्स
UPTET
6 views
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) और बाल अधिकारों के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
- 2. NCF 2005 के अनुसार, समावेशी शिक्षा केवल विशेष विद्यालयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य विद्यालयों को ही अपनी शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम और भौतिक बुनियादी ढाँचे में ऐसा लचीलापन लाना चाहिए जो प्रत्येक विविधतापूर्ण पृष्ठभूमि और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की व्यक्तिगत सीखने की गति को स्वीकार कर सके।
- 3. समावेशी शिक्षा का दर्शन 'अतिरिक्त सहायता और विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' पर जोर देता है ताकि सामान्य कक्षा कक्ष में सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि समावेशी शिक्षा का दायरा केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, भाषाई और बौद्धिक रूप से वंचित तथा भिन्न क्षमताओं वाले सभी बच्चे शामिल होते हैं। कथन 2 और 3 बिल्कुल सही हैं; NCF 2005 के अनुसार समावेशी शिक्षा का अर्थ सामान्य विद्यालयों में ही विविधता को अपनाना और लचीली शिक्षण प्रणालियों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करना है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु परिप्रेक्ष्य में, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) की बंगाल की खाड़ी की शाखा (Bay of Bengal Branch) द्वारा होने वाली वर्षा का प्रवेश किस क्षेत्र से होता है और राज्य के किस भू-भाग में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की जाती है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच संवेदी-प्रेरक प्रतिमानों के पुनरुपयोग और संज्ञानात्मक मानचित्रों (Cognitive Maps) के सामान्यीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जूड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अंतःविषयी पाठ्यक्रम डिजाइन (Interdisciplinary Curriculum Design) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल व व्यावहारिक अनुकूलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में जीवन के शुरुआती वर्षों में दो स्वतंत्र और अलग स्रोतों से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं।
2. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का परिणाम है और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है, जो आयु बढ़ने के साथ स्वतः लुप्त हो जाता है।
3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता पूरी तरह से उनके सामाजिक परिवेश और वयस्कों के साथ की गई अनुदेशात्मक अंतःक्रिया पर निर्भर करती है, न कि किसी जन्मजात जैविक संरचना पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य संरचना' के संदर्भ में, 'अर्थ की दृष्टि से वाक्य के भेद' और 'रचना की दृष्टि से वाक्य के भेद' के सही वर्गीकरण को पहचानिए:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा का विकास किस अवस्था के दौरान पूर्ण रूप से होता है, तथा इस अवस्था की मुख्य मानसिक विशेषता क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.