सृजनशीलता (Creativity)
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'सृजनात्मकता और divergent thinking' के संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (Joy Paul Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत वर्णित 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) और 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा एलेक्स ओसबर्न (Alex Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धिशीलता' (Brainstorming) तकनीक के अंतर्गत स्वतंत्रता, मात्रा से गुणवत्ता और निलंबन निर्णय (Suspension of Judgment) के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान (Problem Solving) और विद्यार्थियों में मौलिकता (Originality) व लचीलेपन (Flexibility) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से, जोए गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने अपने 'बुद्धि की संरचना मॉडल' में 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) को सृजनात्मकता का मुख्य आधार बताया है, जिसमें एक ही समस्या के कई संभावित उत्तर या समाधान खोजे जाते हैं। वहीं, एलेक्स ओसबर्न (Alex Osborn) की 'बुद्धिशीलता' (Brainstorming) विधि बच्चों में आलोचना के भय को दूर करते हुए स्वतंत्र रूप से अधिक से अधिक विचार उत्पन्न करने पर बल देती है। ये दोनों मिलकर आधुनिक समावेशी कक्षाओं में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक लचीलेपन, मौलिकता और समस्या-समाधान क्षमताओं को सशक्त करते हैं।
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'सृजनात्मकता और divergent thinking के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में…
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'अधिगम की शैलियों और संज्ञानात्मक रणनीतियों' के संदर्भ…
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'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Inclusive Education and Children with Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय सिद्धांत (Ecological Systems Theory) का विशेष शिक्षा में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (Superior Temporal Sulcus - STS) के बीच सामाजिक संज्ञान, पर्यावरणीय अनुकूलन और न्यूरोडाइवर्सिटी (Neurodiversity) प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) का न्यूरो-कोग्निटिव माइंडब्लाइंडनेस मॉडल (Mindblindness Model - Theory of Mind)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL: Universal Design for Learning) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक सहभागिता व सर्वांगीण समावेशन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ क्या है?
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कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ है:
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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'सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार प्रमुख घटकों—धाराप्रवाहता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विविधीकरण (Elaboration)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Four Stages of Creative Thought) के अंतर्गत 'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन' (Incubation), 'प्रदीप्ति या अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव दृष्टिकोण और विद्यार्थियों में मौलिक व सृजनात्मक कौशलों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'सृजनात्मकता (Creativity) और divergent thinking के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्सेक्यूटीव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network) के सहयोगात्मक सक्रियण की गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण'—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रद्भवन' (Incubation), 'प्रदीप्ति/रोशनी' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव उपागमों और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय मौलिकता एवं लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'सृजनात्मकता और प्रज्ञा के संबध' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार प्रमुख घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तार' (Elaboration)—के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों' (Four Stages of Creative Process)—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रभवन' (Incubation), 'प्रकटीकरण/अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और सृजनात्मक बालकों के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'बुद्धि के त्रिय आयामी सिद्धांत' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model) के अंतर्गत मानसिक क्षमताओं के तीन आयामों—'संक्रियाएँ' (Operations: जैसे संज्ञान, स्मृति, अभिसारी चिंतन, अपसारी चिंतन, मूल्यांकन), 'विषय-वस्तु' (Contents: जैसे आकृतिक, प्रतीकात्मक, शब्दार्थ, व्यवहारात्मक), और 'उत्पाद' (Products: जैसे इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, प्रणालियाँ, रूपांतरण, निहितार्थ)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत वर्णित तीन उप-सिद्धांतों—'घटकात्मक/विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवात्मक/सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक/संदर्भगत बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक कक्षा-कक्ष शिक्षण और समस्या-समाधान रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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