जीन पियाजे
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'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theories of Learning) के संदर्भ में, स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की अंतिम अवस्था—'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage)—के दौरान बालकों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी चिंतन' (Combinatorial Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप एवं उनकी मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अंतिम अवस्था 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी चिंतन' है। इस स्तर पर बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) करने में सक्षम होते हैं, वे समस्याओं के समाधान के लिए पहले परिकल्पनाएँ (Hypotheses) बनाते हैं और फिर तार्किक रूप से उनका परीक्षण करते हैं। विकल्प (a) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित है, विकल्प (c) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है, और विकल्प (d) संवेदी-गामक अवस्था (Sensory-Motor Stage) का वर्णन करता है। अतः विकल्प (b) इस प्रश्न के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य कथन है।
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'भाषा और विचार' (Language and Thought) के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सैद्धांतिक दृष्टिकोणों के तुलनात्मक अध्ययन के अंतर्गत, पियाजे के 'अहंपरक भाषण' (Egocentric Speech) और वायगोत्स्की के 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) तथा 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा बेंजामिन व्हार्फ (Benjamin Whorf) और एडवर्ड सेपिर (Edward Sapir) द्वारा प्रतिपादित 'भाषाई सापेक्षता परिकल्पना' (Linguistic Relativity Hypothesis / Sapir-Whorf Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'भाषा और विचार' (Language and Thought) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के वैचारिक दृष्टिकोणों के बीच के मूल सैद्धांतिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'अधिगम के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' के संदर्भ में, स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाओं में से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान बालकों में विकसित होने वाली किस बौद्धिक योग्यता के अंतर्गत बालक यह समझ जाता है कि किसी पदार्थ के आकार, रूप या लंबाई में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित (संरक्षित) रहता है, बशर्ते उसमें कुछ जोड़ा या घटाया न गया हो?
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