थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
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'बुद्धि के द्वितत्व सिद्धांत' (Two-Factor Theory) या आधुनिक बहु-कारक दृष्टिकोण के विपरीत, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि के बहु-प्रकार सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, थॉर्नडाइक ने बुद्धि के चार प्रमुख आयामों या गुणों—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), सहभागिता (Range), और गति (Speed)—का उल्लेख किया है। इनमें से 'सहभागिता' (Range) आयाम का सटीक मनोवैज्ञानिक तात्पर्य निम्नलिखित में से किससे है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से बाल मनोविज्ञान में एडवर्ड थॉर्नडाइक (E.L. Thorndike) का बुद्धि का बहु-प्रकार सिद्धांत (Multifactor Theory) अत्यंत महत्वपूर्ण है। थॉर्नडाइक ने बुद्धि का कोई एक सामान्य कारक न मानकर कई स्वतंत्र तत्वों का संयोजन माना है। उन्होंने बुद्धि के चार महत्वपूर्ण आयाम बताए हैं: 1. स्तर (Level) - समस्याओं की कठिनाई का स्तर, 2. क्षेत्र (Area) - कुल क्रियाओं या विषयों की संख्या, 3. सहभागिता या विस्तार (Range) - एक निश्चित कठिनाई स्तर पर किसी व्यक्ति द्वारा किए जा सकने वाले विभिन्न कार्यों की संख्या या कुल मात्रा, और 4. गति (Speed) - मानसिक कार्य को करने की तत्परता व वेग। अतः विकल्प 'c' 'सहभागिता (Range)' आयाम का सही वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
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'अधिगम के स्थानांतरण और मानसिक अनुशासन' के संदर्भ में, जॉन लॉक (John Locke) और…
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'बुद्धि के बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory of…
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