जीन पियाजे
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'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा बताए गए अंतिम चरण यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की उस विशिष्ट मानसिक एवं तार्किक क्षमता को पहचानिए, जिसमें किशोर या व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए बिना किसी मूर्त या वास्तविक वस्तु की उपस्थिति के, केवल प्रस्तावनाओं, बयानों या अमूर्त परिकल्पनाओं (Hypotheses) के आधार पर व्यवस्थित रूप से मानसिक प्रयोग करने और तार्किक निष्कर्ष निकालने में सक्षम हो जाता है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) संज्ञानात्मक विकास का चौथा और अंतिम चरण है जो लगभग 11 वर्ष की आयु से शुरू होकर वयस्कता तक चलता है। इस अवस्था की सबसे मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का विकास है। इसके अंतर्गत बालक या किशोर किसी समस्या के समाधान के लिए केवल मूर्त अनुभवों पर निर्भर न रहकर विभिन्न संभावनाओं और परिकल्पनाओं (Hypotheses) का निर्माण कर सकता है तथा तार्किक रूप से उनका परीक्षण करके सही निष्कर्ष तक पहुँच सकता है। विकल्प (a) 'संरक्षण' मूर्त संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित है, विकल्प (c) 'जीववाद' पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था से संबंधित है, और विकल्प (d) 'केंद्रीयकरण' भी पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की एक सीमा है। अतः विकल्प (b) सही है।
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'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की अंतिम अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान प्रकट होने वाली सबसे प्रमुख तार्किक क्षमता, जिसमें व्यक्ति बिना वास्तविक वस्तुओं की उपस्थिति के केवल प्रतीकों, बयानों और अमूर्त प्रस्तावों (Abstract Propositions) के आधार पर मानसिक रूप से तार्किक निष्कर्ष निकाल सकता है, को निम्नलिखित में से किस विशिष्ट नाम से जाना जाता है?
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'बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: विशेष रूप से अहंकेन्द्रिता और जीववाद) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Temporoparietal Junction - TPJ) के बीच परिप्रेक्ष्य लेने की अक्षमता (Inability to Take Perspectives), मानसिक सिमुलेशन, और थ्योरी ऑफ़ माइंड (Theory of Mind) के विकास की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एलकिंड (David Elkind) के 'अहंकेन्द्रित किशोर सोच और काल्पनिक दर्शक' की अवधारणा के प्रारंभिक पूर्व-चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव डिसेंट्रेशन पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Decentration Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), सामाजिक-संवेगात्मक परिपक्वता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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