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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा बताए गए तीन स्तरों और उनके अंतर्गत छह चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जो 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) के स्तर के अंतर्गत आता है, जिसमें व्यक्ति कानून और सामाजिक व्यवस्था से ऊपर उठकर अपने स्वयं के विवेक, सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों और मानवीय अधिकारों (जैसे न्याय, समानता और आपसी सम्मान) के आधार पर सही या गलत का निर्णय करता है, भले ही वे नियम समाज या कानून के विपरीत क्यों न हों?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में तृतीय और अंतिम स्तर 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) है। इस स्तर के अंतर्गत दो चरण आते हैं: चरण 5 (सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास) और चरण 6 (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास)। चरण 6 में व्यक्ति स्थापित सामाजिक नियमों, कानूनों या प्राधिकरण से परे जाकर अपने व्यक्तिगत विवेक और सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांतों (जैसे मानवाधिकार और अंतरात्मा की आवाज) के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है, जो इस प्रश्न का सही उत्तर है।
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