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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Needs Theory / Achievement Motivation Theory) में निम्नलिखित में से किस त्रिविध आवश्यकताओं (Triad of Needs) का उल्लेख किया गया है, जो मानव व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित करती हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से अभिप्रेरणा (Motivation) के क्षेत्र में डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) और उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Achievement Motivation Theory) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मैक्लीलैंड ने यह प्रतिपादित किया कि कार्यस्थल और अधिगम परिवेश में व्यक्ति की प्रेरणा मुख्य रूप से तीन प्रकार की अर्जित आवश्यकताओं (Learned Needs) से निर्देशित होती है: 1. उपलब्धि की आवश्यकता (Need for Achievement - nAch): उत्कृष्टता प्राप्त करने, लक्ष्यों को पूरा करने और चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता पाने की इच्छा। 2. संबद्धता की आवश्यकता (Need for Affiliation - nAff): दूसरों के साथ मैत्रीपूर्ण और करीबी संबंध स्थापित करने की इच्छा। 3. सत्ता की आवश्यकता (Need for Power - nPow): दूसरों के व्यवहार को प्रभावित करने, नियंत्रण रखने और नेतृत्व करने की इच्छा। अतः विकल्प (b) इस सिद्धांत का सटीक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
Related Questions
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) के अनुसार, गणित शिक्षण के मुख्य उद्देश्यों और 'गणित के समाजीकरण' (Socialization of Mathematics) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NCF 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य लक्ष्य केवल 'गणितीय ज्ञान का उपार्जन' करना और गणनात्मक कौशल (Computational Skills) विकसित करना है, न कि बच्चों की सोच का गणितीयकरण (Mathematicalization of Thought) करना।
2. 'गणित का समाजीकरण' यह रेखांकित करता है कि गणित को एक संकीर्ण दृष्टिकोण से ऊपर उठकर विद्यालय के पाठ्यक्रम का एक ऐसा साधन बनना चाहिए जो बच्चों में लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता, तार्किक विवेचन और सामाजिक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करे।
3. NCF 2005 इस बात की वकालत करता है कि गणित की पाठ्यचर्या बच्चों की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी होनी चाहिए ताकि अमूर्त अवधारणाओं को उनके दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़कर पढ़ाया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Stages of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तरांचल या उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) अवस्था के न्यूरो-संज्ञानात्मक व दार्शनिक स्वरूप, तथा कैरल गिलगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के सिद्धांत के अंतर्गत 'जवाबदेही, संबंधपरक नैतिकता और न्याय बनाम देखभाल के परिप्रेक्ष्य' के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक दृष्टिकोण व मानवीय संवेदनाओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था और भावनात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जी. स्टेनलेस हॉल (G. Stanley Hall) द्वारा प्रतिपादित 'तूफान और तनाव का सिद्धांत' (Storm and Stress Theory) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर 'अमिग्डाला' - Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच विकास असंतुलन (Developmental Imbalance Model), यानी भावनात्मक आवेगों के त्वरित प्रज्वलन और कार्यकारी नियंत्रण के बीच की तंत्रिका अंतराल गतिकी, तथा लारेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेषकर पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक विनियमन शिक्षाशास्त्र (Emotional Regulation Pedagogy) और विद्यार्थियों में आवेग नियंत्रण, नैतिक तर्क व समग्र मानसिक स्वास्थ्य के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल, जलवायु और कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मृदा की भिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ और चिकनी होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल धान है, जबकि उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत में गेहूॅं और गन्ने के उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल एवं खनिजों के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज संसाधनों और उनसे संबंधित प्रमुख जिलों के मिलान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म असत्य (गलत) है?
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