विकास की अवस्थाएँ
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डेविड एलकिंड (David Elkind) के 'किशोर egocentrism' (अहंकेंद्रवाद) के सिद्धांत के अनुसार, किशोरावस्था की वह कौन सी विशेषता है जिसके तहत एक किशोर यह महसूस करता है कि वह हर समय दूसरों की पैनी नजर और आलोचनात्मक मूल्यांकन के दायरे में है, मानो वह किसी मंच पर अभिनय कर रहा हो?
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Detailed Explanation
डेविड एलकिंड ने जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के विचारों को आगे बढ़ाते हुए किशोरावस्था के अहंकेंद्रवाद (Adolescent Egocentrism) को परिभाषित किया। इसके दो मुख्य घटक हैं: 'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कल्पकथा' (Personal Fable)। काल्पनिक दर्शक वह स्थिति है जिसमें किशोर यह मानता है कि अन्य लोग उसके रूप-रंग, व्यवहार और हरकतों पर उसी तरह ध्यान दे रहे हैं और उसका मूल्यांकन कर रहे हैं जैसे वह खुद अपना करता है। इसके विपरीत, 'व्यक्तिगत कल्पकथा' वह विश्वास है कि उसकी भावनाएँ और अनुभव पूरी तरह से अद्वितीय हैं और वह दूसरों से अलग व अजेय है।
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AEP, 2005 का पूर्ण प्रपत्र है-
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