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MPTET
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की एक प्रमुख विशेषता 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) है। इस संदर्भ में, 'तीन पर्वत समस्या' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग द्वारा पियाजे ने यह प्रदर्शित किया कि इस अवस्था के बच्चे में निम्नलिखित में से किस संज्ञानात्मक सीमाबद्धता का अभाव होता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे और बार्बेल इनहेल्डर द्वारा विकसित 'तीन पर्वत समस्या' (Three-Mountain Problem) का उपयोग बच्चों में 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) का परीक्षण करने के लिए किया गया था। पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) के बच्चे इस बात को समझने में असमर्थ होते हैं कि अन्य लोग उनके अपने दृष्टिकोण से अलग दृष्टिकोण रख सकते हैं। वे यह मान लेते हैं कि जो वे देख रहे हैं या महसूस कर रहे हैं, वही पूरी दुनिया देख और महसूस कर रही है। अतः सही उत्तर विकल्प (a) है, जो अन्य व्यक्तियों के दृष्टिकोण (Perspective-taking) को समझने की असमर्थता को दर्शाता है।
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