BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
5 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, मूक और बधिरीकृत या श्रवण बाधित बालकों के भाषा अर्जन एवं संप्रेषण के लिए उपयोग की जाने वाली 'द्विभाषावाद संप्रेषण पद्धति' (Bilingual-Bicultural Approach / Bi-Bi Approach) की अवधारणा—जिसके तहत बहरे बच्चों को उनकी प्राथमिक प्राकृतिक भाषा के रूप में 'सांकेतिक भाषा' (Sign Language) और द्वितीयक भाषा के रूप में उस देश या क्षेत्र की लिखित/मौखिक मौखिक भाषा दोनों को समान महत्व देकर उनके द्विभाषी और द्वि-सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय समावेशी शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक एकीकरण और वैचारिक संप्रेषण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

द्विभाषावाद-द्वि-सांस्कृतिक उपागम (Bi-Bi Approach) श्रवण बाधित बालकों के लिए एक अत्यंत वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से स्वीकृत पद्धति है। इसके तहत सांकेतिक भाषा (जो उनकी प्राकृतिक भाषा है) और मौखिक/लिखित भाषा दोनों का उपयोग किया जाता है। इससे बच्चों का संज्ञानात्मक विकास, आत्म-सम्मान और सामाजिक-सांस्कृतिक एकीकरण सहजता से होता है, जो समावेशी शिक्षा के उद्देश्यों को पूरी तरह पूरा करता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मानसिक क्षमता—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों, सीमाओं और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और तदनुसार अपने व्यवहार को विनियमित व निर्देशित करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंबन (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांत के अंतर्गत, सार्थक या अर्थपूर्ण अधिगम (Significant Learning) की प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय शर्त को सबसे अधिक अनिवार्य माना गया है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights)**—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level) की पाँचवीं अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने लगता है कि कानून और नियम पूर्ण या कठोर नहीं हैं, बल्कि वे समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे लोकतांत्रिक और तार्किक तरीकों से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायोचित चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'सुविधाजनक या सहजकर्ता अधिगम' (Facilitative Learning / Experiential Learning)**—जिसे उस प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षक ज्ञान के 'प्रसारक' (Transmitter) के रूप में नहीं, बल्कि एक 'सहजकर्ता' (Facilitator) या मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है, जो विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जिज्ञासा, स्वतंत्रता और स्व-निर्देशित अधिगम (Self-directed Learning) को बढ़ावा देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक संबल, आत्म-स्वीकृति और सार्थक अर्थपूर्ण अधिगम (Significant Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत लय, ताल, स्वर, संगीत के पैटर्न को पहचानने, सृजन करने और उनका सूक्ष्म विश्लेषण करने की उच्च क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के श्रवण संबंधी संवेदनशीलता, बहुसंवेदी अधिगम (Multi-sensory Learning) और लयबद्ध शिक्षण विधियों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.