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MPTET
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, स्कूली शिक्षा के किस चरण में 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के स्थान पर 'क्षमता-आधारित शिक्षण और आकलन' (Competency-based learning and assessment) को प्राथमिकता देने की संस्तुति की गई है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, रटकर याद करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने और उच्च-स्तरीय कौशल (जैसे आलोचनात्मक सोच, तार्किकता और समस्या समाधान) को बढ़ावा देने के लिए स्कूली शिक्षा के सभी चरणों (5+3+3+4 संरचना के अंतर्गत फाउंडेशनल से लेकर सेकेंडरी तक) में योगात्मक मूल्यांकन से हटकर निरंतर, नियमित और क्षमता-आधारित आकलन की संस्तुति की गई है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेर्हाड रीनहार्ड और अन्य शिक्षाशास्त्रियों द्वारा विकसित तथा कार्ल रोजर्स एवं अब्राहम मैस्लो के मानवतावादी उपागम पर आधारित 'सहानुभूतिपूर्ण और छात्र-केंद्रित कक्षा-वातावरण' (Empathetic and Learner-Centered Classroom Environment) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अबाधित संवेगात्मक अभिव्यक्ति और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा' (Psychological Safety) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थियों को बिना किसी आलोचना, पूर्वाग्रह या भय के अपने विचारों, संवेगों और व्यक्तिगत अनुभवों को खुलकर व्यक्त करने की स्वतंत्रता दी जाती है तथा शिक्षक एक गैर-निर्णयात्मक (Non-judgmental) और स्वीकार्य मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरण, आत्म-सम्मान (Self-esteem), रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) के न्यूनीकरण और संज्ञानात्मक जोखिम उठाने की क्षमता (Cognitive Risk-Taking) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता/संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'असुरक्षित-प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) की अवधारणा—जिसके तहत शिशु प्राथमिक देखभालकर्ता (Caregiver) की अनुपस्थिति में अत्यधिक संकट और चिंता प्रदर्शित करते हैं, तथा देखभालकर्ता के वापस लौटने पर एक साथ निकटता की चाहत और क्रोध/विरोध (Ambivalence) दोनों का जटिल व विरोधाभासी व्यवहार दर्शाते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), असुरक्षा बोध, और शिक्षक-विद्यार्थी अंतःक्रिया के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विलोपन और स्वतः पुनरावृत्ति' (Extinction and Spontaneous Recovery)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अस्वाभाविक उद्दीपक (CS) को बिना स्वाभाविक उद्दीपक (UCS) के बार-बार प्रस्तुत करने पर अनुक्रिया (CR) धीरे-धीरे क्षीण होकर समाप्त हो जाती है, परंतु कुछ समय का अंतराल देने के बाद अचानक वही अनुक्रिया बिना किसी नए प्रशिक्षण के पुनः प्रकट हो जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आदत संशोधन, पुरानी दुर्भावनाओं या भय के निवारण और अधिगम के स्थायित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'शेपिंग या रूपान्तरण/आकृतिकरण' (Shaping) की अवधारणा—जिसके तहत किसी जटिल या नए वांछित व्यवहार को अचानक प्राप्त करने के बजाय, लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले क्रमिक और निकटवर्ती सन्निकटन (Successive Approximations) व्यवहारों को चरणबद्ध तरीके से पुनर्बलित (Reinforced) करके धीरे-धीरे स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, सकारात्मक आदत निर्माण और क्रमिक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'व्यक्तियों-केंद्रित चिकित्सा' (Person-Centered Therapy) के अंतर्गत प्रतिपादित 'निःशर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard), 'सहानुभूति' (Empathy), और 'संजीवता / प्रामाणिकता' (Congruence) की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'वास्तविक स्व' (Real Self) बनाम 'आदर्श स्व' (Ideal Self) के बीच सामंजस्य स्थापित करने, मनोवैज्ञानिक सुरक्षा प्रदान करने, और आत्म-स्वीकृति के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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