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MPTET
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चे की गणितीयकरण की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में 'गणित का गणितीयकरण' करने से क्या तात्पर्य है?
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Detailed Explanation
NCF 2005 के अनुसार, विद्यालयी गणित का मुख्य लक्ष्य 'गणित का गणितीयकरण' है, जिसका अर्थ है कि बच्चे गणितीय ढर्रे पर सोचना सीखें, तार्किक निष्कर्ष निकालें, अमूर्त चिंतन करें और किसी भी समस्या का विश्लेषण करने के लिए गणितीय दृष्टिकोण का उपयोग करें। यह केवल सूत्रों को रटने या केवल गणना करने से कहीं अधिक व्यापक है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च और अंतिम अधिगम प्रकार—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करते हुए एक नवीन, जटिल और अनसुलझी स्थिति या बौद्धिक समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, स्वायत्त बौद्धिक संचालन और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) एवं 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Significant/Experiential Learning) की अवधारणा तथा इसके प्रमुख आयामों—(1) व्यक्तिगत सहभागिता (Personal Involvement), (2) स्व-आरंभिक (Self-Initiated), (3) व्यापक मूल्यांकन (Pervasive), और (4) शिक्षार्थी द्वारा मूल्यांकन (Evaluated by Learner)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'सुगमकर्ता' (Facilitator of Learning) के रूप में शिक्षक की भूमिका, 'बिना शर्त सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard), और आत्म-वास्तविकीकरण (Self-Actualization) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'सामाजिक-संज्ञानात्मक सिद्धांत' के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार अंतःसंबंधित घटकों—(1) ध्यान (Attention), (2) धारणा/स्मरण (Retention), (3) पुनरुत्पादन (Reproduction), और (4) अभिप्रेरणा/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)—तथा 'पारस्परिक निर्धारणवाद' (Reciprocal Determinism) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रतिरूपण (Modeling), स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy), और परोक्ष पुनर्बलन (Vicarious Reinforcement) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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