त्वरित लिंक्स
MPTET
4 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence)** की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति में प्राकृतिक दुनिया (वनस्पति, जीव-जंतु, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण के विभिन्न घटकों) के बीच सूक्ष्म अंतर करने, वर्गीकरण करने और उनके साथ सफलतापूर्वक जुड़ने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और क्षेत्र-आधारित (Field-based) बौद्धिक कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, प्रकृतिवादी बुद्धि (Naturalistic Intelligence) उन व्यक्तियों में उच्च होती है जो पर्यावरण, पौधों, पशुओं और प्राकृतिक जगत के प्रति गहरी समझ रखते हैं। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में, ऐसे विद्यार्थियों के लिए अनुभवात्मक अधिगम, क्षेत्र भ्रमण और पर्यावरण-आधारित व्यावहारिक गतिविधियां उनके संज्ञानात्मक और तार्किक कौशल को निखारने का सबसे वैज्ञानिक और प्रभावी माध्यम हैं।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) अथवा 'निर्देशित अन्वेषण' (Guided Discovery) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी को तैयार या पका-पकाया ज्ञान देने के बजाय उसे स्वयं अपने परिवेश, प्रयोगात्मक सामग्रियों और तार्किक अंतःक्रियाओं के माध्यम से नियमों, सिद्धांतों और प्रत्ययों (Concepts) की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उसकी मानसिक संरचना सक्रिय होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वतंत्र बौद्धिक विकास, आंतरिक प्रेरणा, और ज्ञान के दीर्घकालिक संग्रहण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना या लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शैक्षणिक पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी केवल निष्क्रिय श्रोता या पुस्तकों के पाठक न बनकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, प्रयोगों, सामाजिक परियोजनाओं और हस्त-परक गतिविधियों (Hands-on Activities) में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर अपने ज्ञान का स्वयंसिद्ध निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल, लोकतांत्रिक मूल्यों और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम' (Deficiency Needs vs. Growth Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ—विशेषकर 'न्यूनता संबंधी आवश्यकताएं' (D-Needs जैसे दैहिक व सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं) और 'विकास संबंधी आवश्यकताएं' (B-Needs जैसे आत्म-सिद्धि या Self-Actualization)—एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, संवेगात्मक सुरक्षा, और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति में पौधों, जानवरों, मौसम के पैटर्न और प्राकृतिक पर्यावरण के विभिन्न घटकों के बीच सूक्ष्म अंतर करने, उन्हें वर्गीकृत करने तथा प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करने की उच्च-स्तरीय क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अन्वेषण, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पारिस्थितिकीय ज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मंट गोमेरी रीच (Norman A. Milgram) अथवा सामान्यतः संवेग और प्रेरणा के क्षेत्र में प्रयुक्त **'सीखा हुआ लाचारी या अकार्डेड हेल्पलेसनेस' (Learned Helplessness)** की अवधारणा—जिसे मार्टिन सेलिगमैन (Martin Seligman) द्वारा अपने प्रसिद्ध प्रयोगों के माध्यम से व्यापक रूप से स्थापित किया गया—के अंतर्गत उस मनोवैज्ञानिक स्थिति को परिभाषित किया जाता है जिसमें कोई शिक्षार्थी या जीव बार-बार असफलताओं, प्रतिकूल परिस्थितियों और नियंत्रण से परे परिणामों का सामना करने के बाद यह मान लेता है कि उसकी अनुक्रियाओं या प्रयासों का परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिससे वह भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रयास करना छोड़ देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-सम्मान, नैराश्य प्रबंधन (Frustration Management) और शैक्षणिक लचीलेपन (Academic Resilience) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.