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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) में से किस कारक को स्पीयरमैन ने 'मानसिक ऊर्जा' (Mental Energy) की संज्ञा दी है और इसे जन्मजात तथा अपरिवर्तनीय माना है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन ने 1904 में बुद्धि का द्विकारक सिद्धांत प्रतिपादित किया था। उनके अनुसार बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है: सामान्य कारक (G-Factor) और विशिष्ट कारक (S-Factor)। 'G-Factor' (सामान्य कारक) को उन्होंने 'मानसिक ऊर्जा' (Mental Energy) कहा है, जो जन्मजात होती है, सर्वव्यापक होती है और प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग मात्रा में पाई जाती है तथा इसे प्रशिक्षण या शिक्षा द्वारा बदला नहीं जा सकता। इसके विपरीत, 'S-Factor' (विशिष्ट कारक) अर्जित होता है और इसे अनुभव तथा प्रशिक्षण द्वारा विकसित किया जा सकता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख पक्षी विहारों और उनकी स्थापना से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. नवाबगंज पक्षी विहार (वर्तमान नाम: चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) - उन्नाव (राज्य का पहला पक्षी विहार)
2. समसपुर पक्षी विहार - रायबरेली
3. पार्वती अरगा पक्षी विहार - गोंडा
4. भीमराव आंबेडकर पक्षी विहार - प्रतापगढ़
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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प्राचीन भारतीय दर्शन प्रणालियों, उनके संस्थापकों (प्रणेताओं) और उनके मूलभूत सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर मीमांसा (वेदांत दर्शन) के प्रणेता महर्षि बादरायण हैं, जो यह प्रतिपादित करते हैं कि ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है (ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या) और जीव तथा ब्रह्म में कोई मूलभूत भेद नहीं है।
2. योग दर्शन के प्रणेता महर्षि पतंजलि हैं, जो चित्त की वृत्तियों के निरोध को योग मानते हैं और इसके अंतर्गत अष्टांग योग (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि) का मार्ग सुझाते हैं।
3. वैशेषिक दर्शन के प्रणेता महर्षि जैमिनी हैं, जो इस ब्रह्मांड की रचना 'अदृष्ट' और कर्मकांडीय यज्ञों की अनिवार्यता के आधार पर समझाते हैं तथा वेदों के कर्मकांड खंड को ही परम सत्य मानते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, शेविट्ज़ और साथियों (Shaywitz & Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporo-Parietal Junction), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's Area) और 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, फॉनोलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'पठन विकास के त्रि-चरणीय मॉडल' (लॉगोग्राफिक, ऑर्थोग्राफिक और अल्फ़ाबेटिक चरण) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स और संरचनात्मक साक्षरता शिक्षाशास्त्र (Structured Literacy Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता, शब्द पहचान प्रवाह व समग्र पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और लिंडमान के 'दस प्रतिशत के नियम' (Lindeman's 10% Law) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लिंडमान के 10% नियम के अनुसार, जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों के शरीर में जैव-भार के रूप में संचित होता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ऊष्मा और उपापचय (Metabolism) क्रियाओं के दौरान पर्यावरण में हास हो जाती है।
2. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'चक्रीय' (Cyclic) होता है, ठीक उसी प्रकार जैसे कार्बन, नाइट्रोजन और जल चक्र कार्य करते हैं, क्योंकि उत्पादकों द्वारा सूर्य से ली गई कुल सौर ऊर्जा कभी नष्ट नहीं होती बल्कि विभिन्न पोषी स्तरों के बीच घूमती रहती है।
3. ऊर्जा के लगातार ह्रास के कारण ही सामान्यतः एक पारिस्थितिक तंत्र में पोषण स्तरों की संख्या सीमित (अधिकतम 4 से 5) होती है, और शीर्ष उपभोक्ताओं (Top Carnivores) तक पहुँचते-पहुँचते ऊर्जा की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि वे खाद्य श्रृंखला के अंतिम चरण के रूप में कार्य करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'पारिस्थितिक अनुक्रमण' (Ecological Succession) की विभिन्न अवस्थाओं और प्रक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्राथमिक अनुक्रमण' (Primary Succession) उस नग्न या बंजर क्षेत्र में प्रारंभ होता है जहाँ पहले से कोई जीवन या मिट्टी मौजूद नहीं होती है, जैसे कि नवनिर्मित लावा चट्टानें, रेत के टीले या हिमनदों के पीछे हटने से बनी चट्टानें, और इस प्रक्रिया में सबसे पहले स्थापित होने वाले जीवों को 'पायनियर प्रजाति' (Pioneer Species) कहा जाता है।
2. 'द्वितीयक अनुक्रमण' (Secondary Succession) उस क्षेत्र में होता है जहाँ पहले से जीव-समुदाय मौजूद था लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे दावानल, बाढ़) या मानवीय हस्तक्षेप के कारण वह नष्ट हो गया हो, तथा यह प्रक्रिया प्राथमिक अनुक्रमण की तुलना में बहुत धीमी गति से आगे बढ़ती है क्योंकि इसमें मिट्टी के निर्माण में लंबा समय लगता है।
3. अनुक्रमण की अंतिम और स्थिर अवस्था को 'चरम समुदाय' (Climax Community) कहा जाता है, जो अपने पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में होती है और जब तक कोई बड़ी बाधा उत्पन्न न हो, यह अपरिवर्तित बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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