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UPTET
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, प्रमुख पक्षी विहारों और उनकी स्थापना से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. नवाबगंज पक्षी विहार (वर्तमान नाम: चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) - उन्नाव (राज्य का पहला पक्षी विहार)
- 2. समसपुर पक्षी विहार - रायबरेली
- 3. पार्वती अरगा पक्षी विहार - गोंडा
- 4.
भीमराव आंबेडकर पक्षी विहार - प्रतापगढ़ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव एवं पक्षी विहारों से संबंधित सभी चारों युग्म बिल्कुल सही सुमेलित हैं: 1. नवाबगंज पक्षी विहार (उन्नाव) उत्तर प्रदेश का सबसे पहला पक्षी विहार है, जिसका नाम अब 'चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार' कर दिया गया है। 2. समसपुर पक्षी विहार रायबरेली जिले में स्थित है। 3. पार्वती अरगा पक्षी विहार गोंडा जिले में स्थित एक प्रमुख संरक्षित wetland क्षेत्र है। 4. डॉ. भीमराव आंबेडकर पक्षी विहार प्रतापगढ़ जिले में अवस्थित है। अतः विकल्प (d) सही है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) और उसके ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जो सूर्य से उत्पादकों (Producers) की ओर और फिर विभिन्न उपभोक्ता स्तरों (Consumers) से होता हुआ अंततः ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में अपव्यय हो जाता है और यह कभी भी चक्रीय (Cyclic) नहीं होता।
2. 'लिंडमैन का 10 प्रतिशत का नियम' (Lindeman's 10% Law) यह बताता है कि जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे उच्च पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो प्रत्येक अगले स्तर पर केवल पिछले स्तर की कुल ऊर्जा का 10 प्रतिशत भाग ही संचित हो पाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, चयापचय और ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
3. पारिस्थितिक तंत्र में पोषक तत्वों (Nutrients जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस आदि) का प्रवाह ऊर्जा के विपरीत 'एकदिशीय' होता है, जो जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के माध्यम से एक बार पर्यावरण से जीवों में और फिर जीवों से पुनः पर्यावरण में चक्रीय रूप में संचालित होता रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता एवं विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक (Learning Disabilities and Children with Special Needs)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम अक्षमता' की अवधारणा तथा डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फयर के टेम्पोपैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'फ्यूसीफॉर्म फेस एरिया' (Fusiform Face Area), और 'इंट्रापैरिएटल सर्कस' (Intraparietal Sulcus) के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing), दृश्य-अक्षर एकीकरण, और संख्यात्मक परिमाण प्रतिनिधित्व की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड सेबस्टियन के 'न्यूरो-डेवलपमेंटल रेमेडिएशन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-रेमेडियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Remedial Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों (ORT-Orton Gillingham Approach), उपचारात्मक शिक्षण व समग्र समावेशी कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-conventional Morality) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'एंटterior सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'इनसुलर कॉर्टेक्स' के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण प्रतिक्रिया, न्याय बोध और संज्ञानात्मक संघर्ष समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक देखभाल का दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित लोकतांत्रिक शिक्षाशास्त्र (Value-Based Democratic Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तर्क, सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों व समग्र सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा प्रकार, वर्षा की मात्रा और तापमान की भिन्नताओं को दर्शाते हैं।
2. राज्य के 'पूर्वी मैदान' (Eastern Plain Zone) क्षेत्र में धान और गेहूं की प्रधानता है, लेकिन यहाँ की मुख्य समस्या मिट्टी में क्षारीयता (Alkalinity) और जलभराव की है, जबकि 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में सिंचित साधनों की कमी और मृदा अपरदन प्रमुख कृषि संबंधी चुनौतियाँ हैं।
3. उत्तर प्रदेश के 'भाबर और तराई' क्षेत्र में पायी जाने वाली मटियाियार और नम मिट्टी गन्ने, धान और उच्च आर्द्रता चाहने वाली फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है, और इस क्षेत्र में राज्य के अन्य मैदानी भागों की तुलना में औसत वार्षिक वर्षा कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक एवं राजनीतिक ढांचे के संदर्भ में, राज्य में 'क्षेत्रीय परिषदों' (Zonal Councils) और 'उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग' के गठन तथा उनकी विधिक स्थिति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन पूरी तरह से सही और असंदिग्ध है?
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