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General Science
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मानव शरीर में 'क्रैब्स चक्र' (Krebs Cycle) की प्रक्रिया कोशिका के किस अंगक के किस भाग में संपन्न होती है, और इस संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान ग्लूकोज के एक अणु के पूर्ण ऑक्सीकरण से कुल कितने एटीपी (ATP) अणुओं का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निर्माण होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
क्रैब्स चक्र (जिसे साइट्रिक एसिड चक्र या ट्राइकारबॉक्सिलिक एसिड चक्र भी कहा जाता है) की प्रक्रिया माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स (Matrix) में संपन्न होती है। कोशिकीय श्वसन के दौरान ग्लूकोज के एक अणु के पूर्ण ऑक्सीकरण (ग्लाइकोसिलीन, लिंक रिएक्शन और क्रैब्स चक्र सहित) से कुल 36 से 38 एटीपी (ATP) अणुओं का निर्माण होता है, जिसमें से अकेले क्रैब्स चक्र प्रत्यक्ष रूप से जीटीपी/एटीपी और एनएडीएच/एफएडीएच2 के माध्यम से ऊर्जा प्रदान करता है। मानक परीक्षाओं में संपूर्ण ऑक्सीकरण से 36 या 38 एटीपी का विकल्प मान्य होता है।
Related Questions
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परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. थॉमसन के परमाणु मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) के अनुसार, परमाणु एक धनात्मक आवेशित गोला है जिसमें इलेक्ट्रॉन उसी तरह अंतःस्थापित रहते हैं जैसे तरबूज में बीज, और यह मॉडल परमाणु के कुल विद्युत उदासीन होने की संतोषजनक व्याख्या करता है, यद्यपि यह रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामों को समझाने में विफल रहा।
2. जब किसी गैस को बहुत कम दाब पर रखकर उसमें उच्च विद्युत विभव लगाया जाता है, तो गैस आयनित होकर प्लाज़्मा अवस्था में परिवर्तित हो जाती है, जो पदार्थ की चौथी अवस्था है और इसमें अत्यधिक ऊर्जावान मुक्त इलेक्ट्रॉन तथा धनात्मक आयन होते हैं।
3. 'बोस-आइन्स्टाइन कंडेनसेट' (BEC) पदार्थ की वह अवस्था है जिसे अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य (Absolute Zero) के अतिसमीप तापमान तक ठंडा करने पर प्राप्त किया जाता है, जहाँ सभी कण न्यूनतम संभावित ऊर्जा अवस्था में एक ही क्वांटम अवस्था में संगमित हो जाते हैं।
4. क्वांटम यांत्रिकी के अनुसार, किसी बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु में ऊर्जा स्तरों के भराव के लिए 'हूँड का नियम' यह निर्धारित करता है कि किसी उपकोश के कक्षकों में युग्मन तब तक नहीं हो सकता जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन न आ जाए, लेकिन इसके लिए यह बिल्कुल आवश्यक नहीं है कि उन सभी अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के चक्रण (Spin) समान हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों (Wave Motion and Sound) के भौतिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल गैस के दाब पर निर्भर करती है, और यदि तापमान को स्थिर रखते हुए गैस का दाब दोगुना कर दिया जाए, तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है।
2. अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के संचरण के दौरान माध्यम में संपीडन (Compression) वाले स्थानों पर दाब और घनत्व दोनों का मान अधिकतम होता है, जबकि विरलन (Rarefaction) वाले स्थानों पर न्यूनतम होता है।
3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच की दूरी कम होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के लिए भी मान्य है।
4. अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse waves) केवल ठोस और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं, क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. पारसिक (Parsec): यह खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. एकैनॉस्टिकल मात्रक (Astronomical Unit - AU): यह पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है, जिसका मान लगभग $1.496 imes 10^{11}$ मीटर होता है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): CGS पद्धति में इसका मात्रक 'पॉइज' (Poise) है, और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ होता है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year): यह समय की एक अत्यधिक बड़ी इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांड की आयु मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाशीय परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी (Converging) प्रकृति उलट जाती है और वह एक अपसारी (Diverging) लेंस की भाँति व्यवहार करने लगता है।
2. पानी के अंदर स्थित वायु का बुलबुला प्रकाश की किरणों को अभिसरित (Converge) करता है, क्योंकि पानी का अपवर्तनांक वायु की तुलना में अधिक होता है, जिससे बुलबुला एक उत्तल लेंस की तरह कार्य करता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु की वास्तविक दूरी $u$ और प्रतिबिंब की दूरी $v$ है, तो वास्तविक प्रतिबिंब के लिए रेखीय आवर्धन ($m$) का मान ऋणात्मक होता है, जबकि आभासी प्रतिबिंब के लिए यह धनात्मक होता है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकती हैं (इलेक्ट्रॉन-ग्राही), जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने की क्षमता रखते हैं, जिसके परिणामस्वरूप समन्वय उपसहसंयोजक बंध (Coordinate covalent bond) का निर्माण होता है।
2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार सिद्धांत (HSAB Principle) के अनुसार, 'कठोर अम्ल' उच्च आवेश घनत्व, छोटे आकार और कम ध्रुवणीयता वाले धनाढ्य आयन होते हैं, जो प्राथमिकता के आधार पर 'मृदु क्षारों' के साथ मजबूत और स्थिर परिसरों का निर्माण करते हैं।
3. जब किसी दुर्बल अम्ल (जैसे एसिटिक अम्ल) और उसके प्रबल क्षार के साथ बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जलीय विलयन बनाया जाता है, तो यह विलयन जल-अपघटन (Hydrolysis) के कारण क्षारीय प्रकृति का होता है, और इसका pH मान 7 से अधिक होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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