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ब्राजील जलधारा किस महासागर की गर्म जलधारा है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ब्राजील जलधारा दक्षिण अटलांटिक महासागर में बहती है।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद के विशेषाधिकार' (Parliamentary Privileges - अनुच्छेद 105) और 'विधानमंडल के विशेषाधिकार' (अनुच्छेद 194) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद के दोनों सदनों, उसके सदस्यों और समितियों को कुछ विशेष अधिकार और उन्मुक्तियाँ प्रदान की गई हैं, और ये विशेषाधिकार संसद के सदस्यों को सदन के भीतर उनके द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में न्यायालय में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से पूर्ण संरक्षण प्रदान करते हैं, भले ही वह बात सदन के नियमों के विपरीत क्यों न हो।
2. 'संसदीय विशेषाधिकारों' के अंतर्गत प्रत्येक सदन को यह अनन्य अधिकार प्राप्त है कि वह अपनी कार्यवाही के प्रकाशन को रोक सकता है और सदन के सदस्यों या बाहरी व्यक्तियों द्वारा विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) या सदन की अवमानना (Contempt of the House) के लिए उन्हें दंडित या भर्त्सना कर सकता है, तथा इस प्रकार के दंडात्मक मामलों में न्यायालयों को सदन के निर्णय की न्यायिक समीक्षा करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
3. यद्यपि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105(3) में यह प्रावधान किया गया था कि जब तक संसद विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध (Codify) नहीं करती है, तब तक इसके विशेषाधिकार वही माने जाएंगे जो ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के पास संविधान लागू होने के समय थे, तथापि 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इस संदर्भ में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के संदर्भ को हटाकर इसे संसद के सदनों, उसके सदस्यों और समितियों की उस समय की शक्ति और विशेषाधिकारों के समतुल्य कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' (NMCG) और 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के प्रावधानों तथा गंगा नदी बेसिन प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) का गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(3) के तहत किया गया था, जिसे बाद में वर्ष 2016 में पुनर्गठित करके 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' (National Ganga Council) का रूप दिया गया, जिसकी अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री करते हैं।
2. 'नमामि गंगे कार्यक्रम' एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसके तहत केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए राज्यों की स्थानीय संस्थाओं या शहरी स्थानीय निकायों की कोई वित्तीय भागीदारी नहीं होती है।
3. 'अर्थ गंगा' (Arth Ganga) अवधारणा के अंतर्गत नमामि गंगे कार्यक्रम के दायरे का विस्तार करते हुए गंगा बेसिन के साथ आर्थिक गतिविधियों को जोड़ना है, जिसके प्रमुख स्तंभों में जैविक खेती को बढ़ावा देना, जन-सुविधाओं का विकास, और गोवर्धन (GOBARdhan) योजना के तहत कीचड़ (Sludge) व ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी के आंतरिक भाग (Earth's Interior) और भू-चुंबकत्व (Geomagnetism) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी का बाह्य क्रोड (Outer Core) मुख्य रूप से पिघले हुए लोहे और निकेल से बना है, और इसमें होने वाली संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण डायनेमो प्रभाव उत्पन्न होता है, जो पृथ्वी के मुख्य चुंबकीय क्षेत्र का प्राथमिक स्रोत है।
2. 'चुंबकीय उत्तर ध्रुव' (Magnetic North Pole) भौगोलिक उत्तर ध्रुव के बिल्कुल संपाती (Coincident) है और यह भूगर्भीय समय के साथ कभी भी अपनी स्थिति परिवर्तित नहीं करता है, क्योंकि पृथ्वी का आंतरिक ढांचा स्थिर रहता है।
3. पेलियोमैग्नेटिज्म (Paleomagnetism) चट्टानों में दर्ज प्राचीन चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन है, और समुद्र तल के प्रसार (Seafloor Spreading) के साक्ष्य के रूप में मध्य-महासागरीय कटकों के दोनों ओर चुंबकीय पट्टियों (Magnetic Striping) के सममित (Symmetrical) पैटर्न को देखने को मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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गुप्तकाल के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 108' के अंतर्गत दोनों सदनों की 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting) तथा इससे संबंधित विधायी प्रक्रियाओं के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत किसी विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध को दूर करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाने वाली संयुक्त बैठक का प्रावधान केवल 'साधारण विधجेकों' (Ordinary Bills) और 'वित्तीय विधेयकों' (Financial Bills श्रेणी-I) के मामलों में ही लागू होता है, और इसे किसी भी परिस्थिति में 'धन विधेयकों' (Money Bills) तथा 'संविधान संशोधन विधेयकों' (Constitutional Amendment Bills) के संबंध में आयोजित नहीं किया जा सकता है।
2. यदि किसी साधारण विधेयक को एक सदन द्वारा पारित किए जाने के पश्चात दूसरे सदन में भेजे जाने के बाद छह महीने से अधिक की अवधि बीत जाती है और दूसरा सदन उस विधेयक को अस्वीकार कर देता है या उसमें किए जाने वाले संशोधनों पर दोनों सदन अंतिम रूप से असहमत हो जाते हैं, तो राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक आहूत करने की अपनी मंशा को अधिसूचित कर सकते हैं।
3. लोकसभा के विघटन के कारण यदि कोई विधेयक व्यपगत (Lapse) हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त बैठक की अधिसूचना जारी नहीं की जा सकती है, किंतु यदि लोकसभा के विघटन से पहले ही राष्ट्रपति ने संयुक्त बैठक बुलाने के अपने आशय की सूचना संसद को दे दी है, तो लोकसभा के विघटन के बावजूद वह संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी और विधेयक व्यपगत नहीं होगा।
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